जय परशुराम के उद्घघोष के साथ ब्राह्मण समाज ने अखिलेश यादव को सीएम बनाने का लिया संकल्प
लखनऊ : समाजवादी पार्टी ने बुधवार को लखनऊ स्थित राज्य मुख्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में एक भव्य प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत “जय परशुराम” के उद्घोष के साथ हुई और उपस्थित प्रबुद्धजनों ने दोनों हाथ उठाकर 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी सरकार बनाने का संकल्प लिया। सम्मेलन का संचालन पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय ने किया।
“ब्राह्मण समाज समाजवादी विचारधारा का हिस्सा”: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि”ब्राह्मण समाज सदैव समाज को दिशा देता रहा है और जीवन के हर क्षेत्र में उसका योगदान अविस्मरणीय है। समाजवादी पार्टी में ब्राह्मणों को सम्मान और मार्गदर्शन का स्थान प्राप्त है। हमें उनका सहयोग और समर्थन हमेशा मिला है। 2027 में हमारी विजय इसी समर्थन से सुनिश्चित होगी।”
परशुराम की प्रतिमा भेंट

सम्मेलन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अंकित शर्मा और पवन पाण्डेय ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को शुद्ध पीतल की 4 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा भेंट की जिसका वजन डेढ़ कुंतल है। सुल्तानपुर के वरिष्ठ नेता संतोष पाण्डेय ने उन्हें कई धातुओं से बना शंख और कामाख्या देवी मंदिर का अंगवस्त्र अर्पित किया। इसके अलावा पवन पाण्डेय, पूजा शुक्ला, मोनू दुबे, कार्तिक तिवारी समेत अन्य नेताओं ने फूलों की बड़ी माला भेंट कर सम्मान व्यक्त किया।
ब्राह्मण समाज पर हो रहे अत्याचारों पर आक्रोश

सम्मेलन में बोलते हुए ब्राह्मण प्रतिनिधियों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उनके शासन में ब्राह्मण समाज को लगातार अपमान और अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बस्ती जिले के उमयी गांव निवासी आदर्श उपाध्याय की पुलिस हिरासत में हुई हत्या का मामला उठाया गया। जिसमें पीड़ित माता-पिता मंच पर उपस्थित थे। प्रतिनिधियों ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित के शरीर को ड्रिल मशीन से तक छेद दिया और उत्तर प्रदेश पुलिस हिरासत में मौतों के मामले में देश में शीर्ष पर है।भाजपा सरकार ने ब्राह्मण विरोधी फैसले लिए ब्राह्मण समाज के नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार के कार्यकाल में घोषित भगवान परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश को भी रद्द कर दिया, जो सीधे तौर पर ब्राह्मणों की आस्था पर प्रहार है।
समाजवादी सरकार की ब्राह्मण हितैषी योजनाएं

सम्मेलन में समाजवादी सरकार की ब्राह्मण हितैषी नीतियों की चर्चा भी हुई। ब्राह्मण परिवारों को लैपटॉप दिए गए। इसके साथ ही 30 हजार रुपये कन्याधन योजना, गरीब कन्याओं की शादी के लिए अनुदान,संस्कृत शिक्षकों का वेतनवृद्धि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए श्रवण यात्रा योजना आदि योजनाओं का लाभ मिला।
सम्मेलन में शामिल प्रमुख चेहरे

इस प्रबुद्ध सम्मेलन में पूर्व विधायक, सांसद, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और ब्राह्मण समाज के सैकड़ों प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थितगण में शामिल रहे। इस दौरान गणेश शंकर पाण्डेय, कुशल तिवारी, संतोष पाण्डेय, मुनीन्द्र शुक्ला, विनय तिवारी, पूजा शुक्ला, बैजनाथ दुबे, नंदिता शुक्ला, ओमप्रकाश मिश्रा, रामभजन चौबे, मोनू दुबे, अरविन्द शुक्ला, मणेन्द्र मिश्रा, राहुल शुक्ला, वंदना चतुर्वेदी, अंकित शर्मा, प्रदीश शर्मा, गोलू उपाध्याय, रामेन्द्र त्रिपाठी, अनीता मिश्रा, सुभांगी द्विवेदी, रंजना तिवारी, नीलम पाण्डेय, और कई अन्य प्रबुद्धजन।
ब्राह्मण समाज का 2027 के लिए स्पष्ट संदेश

सम्मेलन में सर्वसम्मति से यह आह्वान किया गया कि ब्राह्मण समाज अब भाजपा की नीतियों से त्रस्त है और समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है। “हमारा संकल्प है कि 2027 में श्री अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाएंगे।”
