बरेली : यूपी के बरेली में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की प्रवर्तन टीम ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में बन रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत की गई। ग्राम बिथरी चैनपुर में शिवेंद्र प्रताप सिंह तोमर की करीब 10 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था। यहाँ बिना किसी वैध अनुमति के सड़क, नाली, बाउंड्रीवाल और प्लॉटों का चिन्हांकन किया जा रहा था। इसी तरह से महलऊ गांव (थाना इज्जतनगर) में शमशुल और अजीम नामक व्यक्तियों ने करीब 20 बीघा क्षेत्रफल में इसी प्रकार का अवैध निर्माण कार्य कर रहे थे।
बीडीए की प्रवर्तन टीम ने की कार्रवाई
इन दोनों अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने अभियान चलाया। इस कार्रवाई में प्राधिकरण के अधिकारी, अवर अभियंता अजीत साहनी, सीताराम, बौद्धमणि गौतम, सहायक अभियंता रमन कुमार अग्रवाल और उनकी टीम शामिल रही। टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया और अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
बीडीए की चेतावनी नक्शा स्वीकृति जरूरी

बीडीए ने आम जनता को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि “उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के अंतर्गत, किसी भी व्यक्ति को बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग या निर्माण करने की अनुमति नहीं है। ऐसा करना पूरी तरह से अवैध है, और प्राधिकरण ऐसी संपत्तियों को ध्वस्त कर सकता है।”प्राधिकरण ने भवन या प्लॉट खरीदने वाले नागरिकों को आगाह किया है कि खरीदारी से पहले प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृति की पुष्टि अवश्य करें। यदि किसी भूखंड या निर्माण का नक्शा स्वीकृत नहीं है, तो उससे दूरी बनाए रखें वरना भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
निर्माणकर्ताओं पर पूरी जिम्मेदारी

बीडीए ने स्पष्ट किया है कि “यदि बिना स्वीकृति के कोई निर्माण किया जाता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं निर्माणकर्ता की होगी। ऐसे मामलों में प्राधिकरण ध्वस्तीकरण के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।”
