श्रमिकों के उत्पीड़न पर चिंता: बोले “हमें मशीन समझा जा रहा है”, RLD के 39 नेताओं की घर वापसी
पहलगाम मुद्दे पर दो टूक: “ध्यान भटकाने की कोशिशें बेकार”
लखनऊ : श्रमिक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार, जातीय जनगणना, सामाजिक न्याय, और भाजपा की नीतियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने जातीय जनगणना को इंडिया गठबंधन की वैचारिक जीत बताते हुए कहा कि यह सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम शुरुआत है।
“यह तो बस शुरुआत है, अब सामाजिक प्रतिनिधित्व की बारी”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि “अब जब सरकार ने जातीय गणना का फैसला लिया है, तो ईमानदारी से उसे लागू भी करे। आंकड़ों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। देश संविधान से चलेगा, किसी के ‘मनविधान’ से नहीं।”उन्होंने आगाह किया कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और चुनावी धांधली से दूर रखा जाए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र में आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी बहस शुरू होनी चाहिए।
श्रमिकों के उत्पीड़न पर चिंता: “हमें मशीन समझा जा रहा है”
श्रमिक दिवस की बधाई देते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मौजूदा श्रमिक हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार में श्रमिकों को मशीन समझा जा रहा है। आउटसोर्सिंग और कमीशनखोरी ने मजदूरी को अपमानजनक बना दिया है। देश के 99% श्रमिक पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से आते हैं – यही वर्ग परिवर्तन की असली ताकत है।”उन्होंने डिजिटल, गिग और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए सुरक्षा और संगठन की मांग दोहराई।
सपा में 39 नेताओं की वापसी, अखिलेश बोले – ‘पीडीए की एकजुटता 100% जीत की गारंटी’
श्रमिक दिवस पर एक और बड़ा घटनाक्रम हुआ जब आरएलडी के पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान समेत 39 नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। अखिलेश यादव ने इसे ‘परिवर्तन का शंखनाद’ बताया। उन्होंने कहा कि “आज जिन लोगों ने पार्टी में वापसी की है, वे बदलाव की लड़ाई को मज़बूत करेंगे। अब पीडीए हेल्पलाइन के बाद पीडीए डेटा सेंटर भी बनना चाहिए ताकि हाशिए पर खड़े वर्गों का डेटा मजबूत हो सके।”
पोस्टर विवाद का किया अंत, भाजपा से भी सवाल
हाल ही में बाबा साहब अंबेडकर के साथ सपा कार्यकर्ता द्वारा बनाए गए पोस्टर को लेकर उठे विवाद पर भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “जिस कार्यकर्ता ने पोस्टर बनाया था, उसे समझा दिया गया है। उसने भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन दिया है। लेकिन क्या भाजपा भी अपने कार्यकर्ताओं को समझाएगी कि वे महापुरुषों का सम्मान करना सीखें?”पूर्व सांसद अरविंद ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि महापुरुषों की किसी भी नेता से तुलना न की जाए। “वे दिव्य व्यक्तित्व हैं, तुलना संभव नहीं।”
“मुख्यमंत्री का एक्सप्रेसवे सपना निकला” – अखिलेश का हमला
प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री का एक्सप्रेसवे सपना बनकर रह गया है। ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही है। भाजपा की नकारात्मक राजनीति अब अंतिम चरण में है, जनता अब बदलाव के लिए तैयार है।”
पहलगाम मुद्दे पर दो टूक: “ध्यान भटकाने की कोशिशें बेकार”
उन्होंने पहलगाम से जुड़े विवाद पर उन्होंने स्पष्ट किया कि “जनता अब भावनात्मक बहकावे में नहीं आएगी। असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। समाजवादी पार्टी हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है।”
