गर्मी से परेशान लोगों ने जागकर गुजारी रात, पानी को भी तरसे लोग
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में बुधवार देर रात आई तेज हवा और हल्की बूंदाबांदी ने बिजली विभाग की व्यवस्था की पोल खोल दी। आंधी के कुछ झोंकों और हल्की फुहारों के बाद शहर से लेकर देहात तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जिससे आधा शहर अंधेरे में डूब गया। 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से लोग पूरी रात गर्मी और उमस में तड़पते रहे।
अचानक गुल हुई बिजली, लोगों की नींद हराम
रात करीब 8 बजे के बाद तेज हवा के साथ बिजली सप्लाई अचानक बंद हो गई। इसके बाद न तो लाइन चालू हुई और न ही कहीं से कोई संतोषजनक जानकारी मिल सकी। लोगों ने हेल्पलाइन नंबरों पर फोन किए, सब स्टेशनों से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं मिला। गर्मी से परेशान लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई।
देहात क्षेत्र भी प्रभावित, किसान परेशान
बरेली देहात क्षेत्र के दर्जनों गांवों में भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। इससे सबसे अधिक परेशानी किसानों को हुई। जिन्हें रात में सिंचाई करनी थी। कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर उड़ने या तार टूटने की खबरें भी सामने आई हैं, लेकिन मरम्मत के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बिजली विभाग बेखबर, जिम्मेदार गायब
बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह लापता रहे। लोगों ने बरेली डिस्कॉम के कंट्रोल रूम, सब स्टेशन और हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कई बार फोन किए, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। बिजली विभाग की इस लापरवाही से लोगों में गहरा रोष है।
लोगों का फूटा गुस्सा, सोशल मीडिया पर उठी आवाज
बरेली के लोगों ने सोशल मीडिया पर बिजली विभाग को घेरा। ट्विटर, फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुपों में लगातार शिकायतें और पोस्ट वायरल होती रहीं। “बरेली अंधेरे में”, “बिजली विभाग सो रहा है”, “12 घंटे की गुल बिजली” जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे।
बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हुई भारी दिक्कत
इस लंबे बिजली कटौती से सबसे ज्यादा बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग प्रभावित हुए। उमस भरी गर्मी में नींद पूरी न हो पाने के कारण लोगों को काफी दिक्कत हुई। अधिकांश जगहों पर इनवर्टर भी जवाब दे गए। जिससे लोग पूरी तरह से असहाय हो गए।
कब बहाल होगी बिजली, कोई स्पष्टता नहीं
सुबह 9 बजे तक कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। बिजली विभाग की ओर से न तो कोई सूचना जारी की गई, न ही किसी मरम्मत कार्य की स्थिति स्पष्ट की गई। लोग अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब बिजली आएगी और राहत मिलेगी।
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