बरेली : यूपी के बरेली जिले में गोकशी के एक मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी को पांच साल की कठोर सजा और 50,000 रूपये का आर्थिक दंड सुनाया है। यह कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य बरेली के दिशा-निर्देशन में अभियोजन अधिकारियों और पुलिस टीम के अथक प्रयासों से पूरी की गई। 17 जून 2023 को थाना फरीदपुर के ग्राम गुजर गोटिया में गोकशी की घटना हुई थी।
फरीदपुर कोतवाली में गोकशी का मुकदमा
इस मामले में ग्रामीण रामराज द्वारा दी गई तहरीर पर फरीदपुर कोतवाली में चार आरोपियों के खिलाफ गोकशी का मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें आरोप था कि तीन चार व्यक्ति आए, उन्होंने मेरी चोरी कर ली। यह लोग प्रतिबंधित पशु का वध कर मांस बेचने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने आरोपियों को मांस, औजार और मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया था। मगर, कुछ लोग फरार हो गए थे।
जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास
रामराज ने बताया कि हम लोगों ने एक आरोपी आरिफ खां निवासी मेवा शराफपुर को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी आरिफ, उसके साथी फ़ातुना, नाहर खां, तसव्बर खां के खिलाफ अपराध संख्या 314/2023 के तहत धारा 3/8 गोकशी अधिनियम, धारा 429 आईपीसी और धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले की सुनवाई हुई। इसमें न्यायधीश ने मुख्य आरोपी आरिफ को 5 वर्ष की सजा और 50,000 जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मिले निर्दोष
इस मुकदमें की सुनवाई में फ़ातुना, नाहर खां और तसव्बर खां निर्दोष मिले। इनको न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। आरोपी से 1 मोटरसाइकिल, मीट, अवैध वध के औजार आदि मिले थे। सजा दिलाने में पुलिस अफसरों और अभियोजन अधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई है।
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