मजिस्ट्रेट ने 18,000 रुपये का लगाया जुर्माना
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में दहेज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी पति को आजीवन कारावास और 18,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह सजा बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व अभियोजन टीम की प्रभावी पैरवी के चलते मिली है। बरेली देहात के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के परसुराम नगला गांव निवासी जमीला बेगम पत्नी सोहराब ने बताया कि बेटी सरवीन की शादी 24 मई 2015 को शहर के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के कर्मपुर गांव निवासी सरताज के साथ की थी। विवाह के कुछ समय बाद से ही पति सरताज ने दहेज में मारुति कार की मांग की जा रही थी, जब मांग पूरी नहीं हुई, तो आरोपी पति ने मानसिक व शारीरिक रूप से उत्पीड़न शुरू कर दिया।
जहर देकर हत्या का आरोप
पीड़िता मां ने आरोप लगाया कि कार न देने पर आरोपी पति ने 9 जून 2023 को ज़हर देकर हत्या कर दी। मामले की रिपोर्ट मृतका की मां जमीला की तहरीर पर दर्ज की गई थी। इसमें थाना इज्जतनगर पुलिस ने मुकदमा संख्या 341/2023, धारा 498A, 302, 304B IPC और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
7 गवाहों के बयान रहे निर्णायक
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अभियोजन टीम ने यह केस प्राथमिकता पर लिया। कुल 7 गवाहों के बयान के आधार पर 14 मई 2025 को न्यायालय ने दोष सिद्ध पाते हुए आरोपी पति सरताज को धारा 302 में आजीवन कारावास व 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 498A में 3 वर्ष की सजा व 3,000 रुपये जुर्माना और धारा 3/4 दहेज अधिनियम में 5 वर्ष की सजा व 5,000 रुपये जुर्माना लगाया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके साथ ही दोष सिद्ध होने पर आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस सजा को दिलाने में पुलिस और अभियोजन अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही है।
