बरेली/बदायूं : यूपी के बदायूं में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई कर राजस्व विभाग के लेखपाल और उसके सहयोगी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ थाना बिनावर में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक कार्रवाई के लिए जेल भेजा जाएगा।
जमीन की तूताबंदी के नाम पर मांगी थी रिश्वत
सदर तहसील क्षेत्र के लोडा बहेड़ी हलका में तैनात लेखपाल संजीव कुमार पर आरोप है कि उसने गांव कलपिया निवासी मुशाहिद अली से उसके पिता के नाम दर्ज भूमि की तूताबंदी कराने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। यह मांग संजीव कुमार ने अपने कथित निजी सहयोगी विनोद कुमार के माध्यम से की।
शिकायत पर एंटी करप्शन ने रची योजना, रंगेहाथ पकड़े गए आरोपी
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। आरोपी लेखपाल ने शिकायतकर्ता को अमन प्रकाश राठौर के अहाते, उझानी रोड स्थित लालपुल पेट्रोल पंप के पास पैसे लेकर आने को कहा था। जैसे ही शिकायतकर्ता मुशाहिद अली ने रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये सौंपी। टीम ने तत्काल छापा मारकर दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
आरोपियों पर मुकदमा दर्ज, होगी कानूनी कार्रवाई
बदायूं के थाना बिनावर ले जाकर दोनों से पूछताछ के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि संजीव कुमार वर्तमान में लोडा बहेड़ी हलका का लेखपाल है और उसके साथ पकड़ा गया। विनोद कुमार ऊपरपारा निवासी है, जो पेशे से बाइक मिस्त्री है। दोनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। एंटी करप्शन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी की स्थिति में बेझिझक शिकायत दर्ज कराएं।
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