सपा नेताओं का आरोप : यह हत्या सिर्फ एक दलित बेटी की नहीं, बल्कि समाज के कमजोर तबके पर किए गए अमानवीय हमले का प्रतीक
लखनऊ/ प्रयागराज : यूपी के करछना विधानसभा (विधानसभा संख्या 260) में दलित समाज की बेटी शशि कुमारी की निर्मम हत्या के बाद प्रदेश में रोष और शोक का माहौल है। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक शुक्रवार जमुनापार करछना पहुंचा।प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली, उन्हें ढांढस बंधाया और समाजवादी पार्टी की ओर से आर्थिक सहायता स्वरूप एक चेक सौंपा। सपा नेताओं ने कहा कि यह हत्या सिर्फ एक दलित बेटी की नहीं, बल्कि समाज के कमजोर तबके पर किए गए अमानवीय हमले का प्रतीक है। समाजवादी पार्टी इस तरह की बर्बरता को बर्दाश्त नहीं करेगी और पीड़ितों के न्याय की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
प्रतिनिधिमंडल में यह नेता थे शामिल

समाजवादी प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल थे। इसमें विधायक एवं पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज, पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद, जिलाध्यक्ष, गंगा पार अनिल यादव, विधायक मेजा संदीप पटेल, जिलाध्यक्ष, जमुनापार पप्पू लाल निषाद, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बाबा साहब अम्बेडकर वाहिनी राजू पासी, विधानसभा अध्यक्ष ननकेश बाबू ।
भाजपा सरकार पर किया हमला, सीबीआई जांच की मांग

सपा प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से शशि कुमारी की हत्या की सीबीआई जांच कराने, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर सजा देने और पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी एवं पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की। इंद्रजीत सरोज ने कहा “प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। कमजोर वर्ग खासतौर पर दलित और अल्पसंख्यक लगातार निशाने पर हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।”
दलितों पर बढ़े हमले
पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने कहा कि भाजपा शासन में लगातार दलितों के खिलाफ हिंसा हो रही है, लेकिन सत्ता संरक्षित अपराधियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। सपा नेताओं ने दोहराया कि पार्टी सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक समाजवादी पार्टी शांत नहीं बैठेगी।
