सपा प्रमुख अखिलेश का बीजेपी पर बड़ा हमला, सरकार ने संस्थाओं को कमजोर किया, समाजवादी पार्टी के लोहिया वाहिनी पदाधिकारियों की बैठक में दिलाया पीडीए संकल्प
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में सोमवार को समाजवादी लोहिया वाहिनी की राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों की अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संबोधन के दौरान कहा कि लोहिया वाहिनी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को ‘पीडीए संकल्प’ दिलाया गया। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार,महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अव्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं टूट गई हैं, हर विभाग और हर कार्य में कमीशनखोरी चरम पर है।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है और देश की संपत्ति कुछ गिने-चुने लोगों के हाथों में सौंप दी है। सपा प्रमुख ने कहा कि अमीर और गरीब के बीच की खाई आज भारत में दुनिया की सबसे बड़ी हो गई है।उन्होंने भाजपा पर “फूट डालो, राज करो” की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा समाज में नफरत और भेदभाव फैलाकर सत्ता कायम रखना चाहती है।
“2027” में सपा सरकार तय

पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित है। उन्होंने कहा, “2027 के चुनाव में पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता से भाजपा का पता नहीं चलेगा।”उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं को सौंपा गया बड़ा लक्ष्य

पूर्व सीएम ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्रों में वोटर लिस्ट को दुरुस्त कराने और वोट बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, “हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को सौ फीसदी स्ट्राइक रेट के साथ परिणाम देना होगा।”
भाजपा सरकार ने संस्थाओं को कमजोर किया: अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर संविधान को नुकसान पहुंचाने और आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता को खत्म कर दिया है। जिससे लोकतंत्र कमजोर हुआ है।
नौजवानों के सामने बढ़ा संकट: रोजगार, शिक्षा और निजीकरण

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर पूर्व सीएम ने कहा कि आज का नौजवान गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी चरम पर है। सरकारी नौकरियों में कटौती हो रही है। शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ रहा है। फीस इतनी महंगी हो गई है कि गरीब और मध्यम वर्ग के छात्र शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने मुद्रा योजना को असफल बताते हुए कहा कि सरकार दावा करती है कि 52 करोड़ लोगों को 33 करोड़ रुपये का लोन दिया गया, लेकिन अगर यह सही होता तो बेरोजगारी आज खत्म हो चुकी होती।
समाजवादी युवा लोहिया वाहिनी को मिली नई जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि “लोहिया वाहिनी के युवा अब गांव-गांव, घर-घर जाकर भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर करेंगे।”उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण की रक्षा के लिए संघर्ष करें। इस बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद संजय लाठर, पूर्व एमएलसी सुनील सिंह साजन, राष्ट्रीय सचिव अवलेश सिंह, लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव, प्रदेश अध्यक्ष राम करन निर्मल सहित राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे।
