बरेली : ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) के आव्हान पर सोमवार को पूरे भारतवर्ष में रेलवे रनिंग स्टाफ ने एक साथ धरना-प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में उत्तर पूर्व रेलवे (NER) के बरेली सिटी रनिंग लॉबी पर भी एनई रेलवे मजदूर यूनियन के मंडल अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मलिक के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन स्टैंडिंग मल्टी डिसिप्लिनरी कमेटी द्वारा जारी उस रिपोर्ट के खिलाफ किया गया। जिसमें रनिंग स्टाफ के हितों के खिलाफ सिफारिशें की गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का भी जोरदार विरोध किया।
कर्मचारी हितों के खिलाफ रिपोर्ट : बसंत चतुर्वेदी

एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष बसन्त चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस रिपोर्ट को लागू किया गया, तो रनिंग स्टाफ को मिलने वाली कई महत्वपूर्ण सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। उन्होंने कहा, “हम किसी भी कीमत पर इस रिपोर्ट को लागू नहीं होने देंगे।”चतुर्वेदी ने बताया कि 16-17 अप्रैल 2025 को रेलवे बोर्ड में संपन्न ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (AIRF) की पीएनएम (Permanent Negotiating Machinery) बैठक में महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने भी इस रिपोर्ट को ‘रद्दी की टोकरी’ में डालने की मांग कर पुरजोर विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने बढ़े हुए रनिंग भत्ते और माइलेज का शीघ्र भुगतान किए जाने की भी मांग रेलवे बोर्ड से की।
मजदूर हित में संघर्ष का ऐलान
एनई मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई और स्टैंडिंग मल्टी डिसिप्लिनरी कमेटी की सिफारिशें लागू की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की भी रणनीति तय की जा रही है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल
इस धरना प्रदर्शन के दौरान बरेली सिटी रनिंग लॉबी में यूनियन के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें मंडल अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह मलिक, ताजुद्दीन खान, यशपाल सिंह, गौरव सक्सेना, मनीष कुमार, शैलेश परमार, रंजन कुमार सिन्हा, कुंदन कुमार, अमित कुमार, रामबली सिंह, अंकुर महावर, संजय कुमार सिंह, मो. जसीम रजा, केपेंडर सिंह, शिव शंकर गिरी, भुवनेश कुमार, सुदीप मिश्रा, पी.के. दुबे, हेमंत कुमार आदि प्रमुख रहे।
