आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में ज्वेलर्स की हत्या और लूट के मुख्य आरोपी अमन को पुलिस ने मार गिराया। यह कार्रवाई बालाजी ज्वेलर्स शोरूम में 2 मई को हुई सनसनीखेज वारदात के ठीक चार दिन बाद हुई। इसमें 22 लाख रुपये के जेवर लूटे गए थे और सर्राफा कारोबारी योगेश चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 2 मई को बाइक सवार दो बदमाशों ने सिकंदरा के अंसल एपीआई क्षेत्र स्थित श्री बालाजी ज्वेलर्स के शोरूम में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय शोरूम में सेल्स गर्ल रेनू और एक अन्य युवती ग्राहक के तौर पर मौजूद थीं। लूट के बाद भागते समय बदमाशों ने शोरूम के बाहर मौजूद ज्वेलर्स योगेश चौधरी पर फायरिंग कर दी। जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना से व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया था और पुलिस को 72 घंटे में कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया गया था।
500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज तलाशे

पुलिस ने जांच में तेजी लाते हुए 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक फुटेज में बदमाशों के तीसरे साथी का चेहरा स्पष्ट नजर आ गया। जिससे जांच को अहम सुराग मिले। पुलिस ने मुखबिरों की मदद से बिचपुरी ब्लॉक के मघटई गांव निवासी मुख्य आरोपी अमन और उसके साथियों की पहचान कर ली। हालांकि आरोपी वारदात के बाद अपने घरों से फरार हो गए थे। मंगलवार सुबह पुलिस ने सिकंदरा क्षेत्र में अंसल एपीआई के पास अमन को घेर लिया। खुद को घिरा देखकर अमन ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से घायल अमन को अस्पताल ले जाया गया। यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
तीन आरोपी हिरासत में, एक की तलाश जारी
पुलिस ने अमन के तीन साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, अमन के भाई की भी तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस मुठभेड़ को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि, “भाजपा सरकार में अपराधियों का बोलबाला है। जब सरकार अपराध रोकने में नाकाम होती है, तो फर्जी एनकाउंटर करवा कर समाजवादी पार्टी को बदनाम करने की साजिश रचती है। आगरा में मारे गए युवक को जबरन यादव बताकर प्रचारित किया जा रहा है।”सपा ने यह भी दावा किया कि एनकाउंटर में मारा गया युवक किसी अन्य जाति का था, लेकिन भाजपा और पुलिस मिलकर उसे यादव घोषित कर समाजवादी पार्टी को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने सपा के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि मुठभेड़ पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई और आरोपी ने पुलिस पर पहले फायरिंग की थी। उसके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुआ है।
