बरेली : पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी, जिनके नेतृत्व में देश ने कंप्यूटर क्रांति, संचार क्रांति और 18 वर्ष में मतदान का अधिकार जैसे ऐतिहासिक बदलाव देखे। उनकी हत्या से ठीक एक दिन पहले की यादें आज भी बरेली शहर के लोगों के दिलों में ताजा हैं। उनकी हत्या 21 मई, 1991 को हुई थी। मगर, 20 मई 1991, यानी हत्या से एक दिन पहले राजीव गांधी बरेली पहुंचे थे। उन्होंने शहर के बिशप मंडल इंटर कॉलेज में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा की थी। इसके बाद वे आंवला में भी एक चुनावी सभा को संबोधित करने गए थे। उन्होंने बरेली वासियों से यह वादा किया था कि वे जल्द ही लौटकर आएंगे, लेकिन 21 मई को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में उनकी हत्या कर दी गई।
राजनीतिक जनसभाओं की अंतिम कड़ी बनी बरेली

बरेली दौरे के दौरान राजीव गांधी ने कांग्रेस नेताओं से मीटिंग की और फिर दो प्रमुख जनसभाएं कीं। इसमें बिशप मंडल इंटर कॉलेज मैदान में जनसभा और आंवला लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी रमा देवी के समर्थन में जनसभा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र की कांग्रेस सरकार की योजनाएं और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा। उनके भाषण में युवाओं, किसानों और तकनीकी प्रगति का विशेष ज़िक्र था।
सफेद कुर्ता और मेहरून अंगोछा, बरेली की यादें आज भी ताजा

बरेली में राजीव गांधी सफेद कुर्ता-पायजामा और गले में मेहरून रंग का अंगोछा पहनकर पहुंचे थे। उनके माथे पर तिलक लगा हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि सभा में भारी भीड़ उमड़ी थी और राजीव गांधी को सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
“मैं जल्द लौटूंगा”, राजीव गांधी की बरेली में अंतिम टिप्पणी
राजीव गांधी ने बरेली में सभा के अंत में कहा था।”मैं बहुत जल्द आप सब से फिर मिलूंगा।”लेकिन किसे पता था कि यह उनकी जिंदगी की अंतिम राजनीतिक यात्रा बन जाएगी। अगले ही दिन 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई।
बरेली के लोग आज भी नहीं भूले राजीव गांधी को
बरेली के कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक आज भी 20 मई 1991 की वो शाम नहीं भूलते, जब उन्होंने आखिरी बार देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री को देखा था। कुछ कार्यकर्ता बताते हैं कि उस दिन राजीव गांधी काफी आत्मविश्वास से भरे दिखे और उन्होंने संगठन को लेकर कई जरूरी संदेश भी दिए।
इंदिरा गांधी के साथ भी आए थे कई बार बरेली
राजीव गांधी बचपन से ही अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ कई बार बरेली आए थे। वे बरेली के त्रिशूल एयरबेस पर कई बार रुके। यहां से उन्होंने कई बार जनसभाओं में भाग लिया और लोगों से संवाद किया।
राजीव गांधी की 34वीं पुण्यतिथि पर पीएम मोदी, राहुल गांधी और कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 34वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर दिल्ली स्थित वीरभूमि स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनकी राजनीतिक एवं तकनीकी दूरदृष्टि को याद किया गया। राजीव गांधी एक दूरदर्शी नेता की विरासत थी। राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने देश की कमान संभाली और 1984 से 1989 तक बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले अंतिम कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने। आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता के साथ एक भावुक फोटो शेयर की है।
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