पूर्व सीएम बोले, ‘करणी सेना ने मुझे नहीं, सीएम और डीजीपी को दी चुनौती’’ ,थार और बुलडोजर दबंगई के प्रतीक बन चुके हैं’
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। पूर्व सीएम ने सपा सांसद रामजी लाल सुमन पर एक दिन पहले करणी सेना द्वारा किए गए हमले के बाद भाजपा सरकार जमकर हमला बोला। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, आधी आबादी, आदिवासी) समाज के लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। पूर्व सीएम ने कहा कि कुछ विशेष वर्ग के लोगों को सत्ता का खुला संरक्षण मिला है। जिससे वे कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सत्ता के शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक उन्हीं के सजातीय लोग बैठे हैं। जिसके कारण कानून का भय खत्म होता जा रहा है। उन्होंने जमीनी हालात के उदाहरण देकर बताया कि प्रयागराज में एक दलित युवक को जिंदा जला दिया गया। वाराणसी में पटेल समाज के छात्र को गोली मारी गई। जौनपुर में मौर्य समाज के युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।आजमगढ़ में एक सरोज जाति के युवक को ‘जय भीम’ का नारा लगाने पर मार डाला गया। रामपुर में दलित मूक-बधिर बच्ची के साथ बलात्कार जैसी दर्दनाक घटना घटी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल रही है और प्रदेश में अराजकता का माहौल है।
‘‘थार और बुलडोजर दबंगई के प्रतीक बन चुके हैं’’ : अखिलेश यादव

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज थार गाड़ियाँ और बुलडोजर भाजपा की सत्ता के दुरुपयोग और दबंगई का प्रतीक बन गए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान और कानून में विश्वास करती है, लेकिन भाजपा सरकार के संरक्षण में कुछ तत्व खुलेआम हिंसा और उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से बुलंदशहर के सुनहरा गांव की घटना का जिक्र किया। बोले, यहां दलितों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने जा रहे सपा सांसद रामजी लाल सुमन पर हमला किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार के संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और भविष्य में ऐसी घटनाएं और भी हो सकती हैं।
‘‘करणी सेना ने मुझे नहीं, सीएम और डीजीपी को दी चुनौती”

सांसद रामजी लाल सुमन पर हमले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह हमला न केवल एक सांसद पर, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सीधा हमला है।’’उन्होंने कहा, “करणी सेना ने मुझे नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री और डीजीपी को चुनौती दी है। सरकार और पुलिस प्रशासन का संरक्षण हमलावरों को मिल रहा है। समाजवादी पार्टी डरने वाली नहीं है। हम संविधान और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।”छह महीने रुको, बीजेपी वाले बीजेपी वालों पर ही हमला करेंगे।
कुशीनगर में सिर्फ एक पीडीए अफसर

पूर्व सीएम ने प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्ग की उपेक्षा को उजागर करते हुए कहा कि कुशीनगर जैसे जिले में सरकार ने केवल एक पीडीए अधिकारी तैनात किया है, जो सरकार के रवैये को दर्शाता है। बोले, बीजेपी सरकार में पीडीए पर चुन चुनकर हमले हो रहे हैं।
आतंकी हमले को लेकर सरकार पर सवाल
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले को लेकर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, “आतंकी हमले जैसा संवेदनशील विषय उठता है, तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आतंकवादी पर्यटक क्षेत्र तक पहुंचे कैसे?”उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के डेढ़ घंटे बाद तक कोई मदद नहीं पहुंची, घायल पर्यटकों को समय पर अस्पताल तक नहीं पहुँचाया गया, जिससे सरकार के दावों की पोल खुल गई है। यह काफी सेंसेटिव विषय है।
‘‘हम मंत्री राजा भैया को जानते हैं’’ : अखिलेश यादव
एक सवाल के जवाब में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “हम राजा भैया को जानते हैं।”इस टिप्पणी से उन्होंने राजनीतिक समीकरणों और सत्ता संरचना पर भी इशारा किया। बोले, राजा भैया को मंत्री राजा भैया कहिए, हम मंत्री राजा भैया को जानते हैं। इस सरकार में यही सम्मान है कि मंत्री नहीं बनाया। हम चुनौतियों का सामना नहीं करेंगे, तो राजनीति ही नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री से पूछा: ‘‘हाइब्रिड मॉडल क्या है?’’
प्रदेश सरकार के ‘हाइब्रिड मॉडल’ पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि आखिर हाइब्रिड मॉडल क्या है? यह केवल जनता को भ्रमित करने का तरीका है। बोले, बोले मुख्यमंत्री नहीं बता पाएंगे। गोरखपुर लिंक पर भी तो उतारें। अब सीमा पर सेवा की जरूरत है, जब कभी भी पाकिस्तान से सवाल खड़े करोगे, तो चीन से भी मुकाबला करना पड़ेगा। सरकार दावा कर रही है कि जलबंधी जल्दी कर देंगे। नोटबंदी में उन्होंने दावा किया था कि भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म हो जाएगा। उम्मीद है कि जलबंदी से पाकिस्तान खत्म हो जाएगा, बाकी हमें इतनी टेक्निकल जानकारी नहीं सरकारी बता पाएगी।
महाकुंभ में खर्च हुए 66 करोड़ पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पाठ्यक्रम में महाकुंभ शामिल करने से जुड़े सवाल पर कहा कि सरकार पहले आंकड़े बता दें। यह क्लियर कर दे कि यह डिजिटल महाकुंभ था ?। 66 करोड़ लोग आए तो कैसे आए ?। ट्रेन बस पैदल या अपनी गाड़ी से कैसे आए। अगर, इतने लोग आए थे, तो सातवीं कक्षा का बच्चा जानना चाहेगा कि आखिरकार कैसे आए थे ?
‘‘नेहा सिंह ने जो कहा होगा, अच्छा ही कहा होगा’’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब नेहा सिंह के किसी बयान पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “नेहा सिंह ने जो कहा होगा, अच्छा ही कहा होगा।”बोले, अभी हमने उनकी कविता नहीं सुनी है उन्होंने जो कहा होगा अच्छा ही कहा होगा। इस दौरान नेहा सिंह राठौड़ का बयान सबके सामने चलाया गया।
शहीदों के परिजनों से मिले समाजवादी
पूर्व सीएम ने ने बताया कि पार्टी के नेता शुभम सहित कई नेता कानपुर में शहीद परिवारों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट कर चुके हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। बोले, सभी महापुरुषों का सम्मान अनिवार्य है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी सभी महापुरुषों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि “हर महापुरुष से जनता की भावनाएं जुड़ी होती हैं।
