- सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी
- मुल्क और अवाम की सलामती के लिए मांगी गई दुआएं
बरेली। रमज़ान के पाक महीने में पहले जुमे की नमाज पूरे अकीदत और जोश के साथ अदा की गई। शहर से लेकर देहात तक हर मस्जिद में नमाजियों का सैलाब उमड़ पड़ा और हर कोई अल्लाह की इबादत में मशगूल नजर आया। बड़ी मस्जिदों में हुई तकरीरों में रमज़ान और जुमा की अहमियत पर रोशनी डाली गई। इसके साथ ही नमाज के बाद मुल्क की सलामती, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं।शहर की ऐतिहासिक दरगाह आला हज़रत, जामा मस्जिद, नौमहला मस्जिद, किला जामा मस्जिद और मस्जिद मुफ़्ती-ए-आज़म हिंद समेत सभी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी।
इमामों और हाफ़िज़ों ने तकरीरों के जरिए रमज़ान और जुमे की फज़ीलत बताई। हाफ़िज़ चाँद खान ने कोतवाली की मोती मस्जिद में कहा जुमा को मोमिन की ईद कहा जाता है और रमज़ान में इसकी नेकी 70 गुना बढ़ जाती है। वहीं मुफ़्ती अब्दुल बाक़ी मरकज़ी ने नौमहला मस्जिद में तकरीर देते हुए कहा रमज़ान इबादत, रहमत और नेकियों का महीना है, इस दौरान किए गए हर अच्छे काम का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
नमाज के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई, चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही और पुलिस अधिकारियों ने खुद हालात पर नज़र रखी। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पूरी नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पैदल गश्त भी की गई।
नमाज के बाद मुल्क और अवाम की भलाई के लिए खास दुआएं मांगी गईं। रोज़ेदारों ने अमन-चैन, भाईचारे, तरक्की और खुशहाली की फरियाद की। बरेली हज सेवा समिति के पम्मी खान वारसी, हाजी साकिब रज़ा खान और हजरत शाने कमाल मियां साबरी नासरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिन्होंने लोगों को रमज़ान के पहले जुमा की मुबारकबाद दी।
