कशिश हत्याकांड के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा, मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा बढ़ाने की मांग
सीटी स्कैन कक्ष में छात्रा की हत्या से सहमे छात्र-छात्राएं, प्राचार्य ने दिया सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का भरोसा
पीलीभीत: राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या के बाद मेडिकल कॉलेज में आक्रोश का माहौल है। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अस्पताल परिसर में एकत्र हुए और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों ने अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की।
छात्रों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण छात्र-छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती से नियंत्रण करने की मांग की।
प्राचार्य ने दिया आश्वासन
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। प्राचार्य के आश्वासन के बाद छात्रों का प्रदर्शन शांत हुआ, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई होने तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
चाकू लेकर अस्पताल में पहुंचा आरोपी
मंगलवार सुबह पैरामेडिकल छात्र सागर सिंह ने सीटी स्कैन कक्ष में अपनी सहपाठी कशिश पटेल पर चाकू से हमला कर दिया था। इस दौरान बचाव करने पहुंची स्टाफ नर्स निधि भी घायल हो गई थीं। हमले में कशिश की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया था और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
80 सुरक्षाकर्मी और 88 कैमरे, फिर भी वारदात
घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल परिसर में 80 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और 88 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, इसके बावजूद आरोपी चाकू लेकर अस्पताल में दाखिल हुआ और वारदात को अंजाम देने में सफल रहा।
पहले भी सामने आ चुकी हैं सुरक्षा खामियां
जिला अस्पताल परिसर में पहले भी बाइक चोरी, मारपीट और नवजात के शव को कुत्तों द्वारा उठा ले जाने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि इस तरह की जघन्य आपराधिक घटना पहली बार हुई है, जिसने सुरक्षा प्रबंधन की पोल खोल दी है।
होनहार बेटी को खोकर टूट गया परिवार
मृतक छात्रा कशिश पटेल बरेली जिले के भुता थाना क्षेत्र के केसरपुर गांव की निवासी थी। उसके पिता रोहताश पटेल निजी वाहन चालक हैं। उन्होंने बताया कि कशिश ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। परिवार ने कठिन परिस्थितियों में उसकी पढ़ाई जारी रखी थी और उसे चिकित्सा क्षेत्र में स्थापित करने का सपना देखा था। बेटी की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
