एक लाख रुपये की दी आर्थिक मदद, जलते छप्पर से स्कूल का बैग सीने से लगाकर दौड़ी छात्रा
सुप्रीम कोर्ट ने भी अंबेडकर नगर की घटना का किया था जिक्र
Lucknow : इंसानियत और शिक्षा को समर्थन देने का एक और बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर दिल जीतने वाला कदम उठाया है। खजांची के बाद अब वे अंबेडकर नगर की छात्रा अनन्या की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल सहायता के रूप में अनन्या को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। यह वही अनन्या है जिसकी तस्वीरें हाल ही में सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल हुई थीं, जब उसके घर का छप्पर आग से जल गया था। आग लगने के बाद भी वह अपनी किताबों और स्कूल बैग को सीने से लगाकर दौड़ पड़ी थी। यह दृश्य इतना भावुक था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी सराहना की और छात्रा के जज़्बे का जिक्र किया।
जज़्बे से हासिल होती है शिक्षा
अखिलेश यादव ने कहा, “अनन्या की लगन और संघर्ष हमें यह याद दिलाते हैं कि सच्ची शिक्षा केवल सुविधाओं से नहीं, बल्कि जज़्बे से हासिल होती है। समाजवादी पार्टी ऐसे हर छात्र के साथ खड़ी है, जो कठिन हालात में भी पढ़ाई जारी रखने का हौसला रखता है।”गौरतलब है कि इससे पहले भी अखिलेश यादव ने खजांची नामक बच्चे की शिक्षा और परवरिश की ज़िम्मेदारी उठाई थी, जो नोटबंदी के समय बैंक में पैदा हुआ था। अब अनन्या के लिए किया गया यह कदम न केवल समाज में एक सकारात्मक संदेश देगा, बल्कि उन तमाम बच्चों को भी प्रेरित करेगा, जो कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई का सपना देख रहे हैं।
भाजपा को बताया सबसे बड़ी भूमाफिया पार्टी
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा को सबसे बड़ी भू-माफिया पार्टी करार दिया और कहा कि भाजपा ने यूपी में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनों पर कब्जा किया है। अखिलेश ने विशेष रूप से गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि यहां सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा गोरखपुर में जमीन को लेकर गोली चली है, अगर यहां की रजिस्ट्रियों की जांच कर ली जाए तो तस्वीर साफ हो जाएगी।
कानून व्यवस्था पर उठाया सवाल
अखिलेश यादव ने यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हाल ही में आई खबरों के वीडियो दिखाए, जिसमें भ्रष्टाचार के मामलों की चर्चा की गई। अखिलेश ने बताया कि एक आईएएस अधिकारी (अभिषेक प्रकाश का नाम लिए बिना) और उसके दलाल को पकड़ा गया, जो कई लोगों के लिए मैनेजमेंट का काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि बंटवारे के झगड़े में पोल खुलने का मामला था। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के 80-20 के नारे पर भी सवाल उठाए और कहा, यह 80-20 नहीं, 90-10 का मामला है। आधी आबादी और पीडीए (पसमांदा मुस्लिम) को जोड़ दें तो यह आंकड़ा 90-10 बनता है।
पार्टी वक्फ बोर्ड की भूमि पर कब्जा करने में संलिप्त, वक्फ भूमि पर कब्जे का मुद्दा
अखिलेश यादव ने भाजपा को भूमाफिया करार देते हुए कहा कि पार्टी वक्फ बोर्ड की भूमि पर कब्जा करने में संलिप्त है। उन्होंने गोरखपुर और अयोध्या में जमीन की रजिस्ट्रियों की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा, हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी अंबेडकर नगर की बच्ची अनन्या यादव की आर्थिक मदद की। वहीं एक परिवार के लिए जीरो पावर्टी योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग भी की है।
इतिहास में अच्छाई और बुराई दोनों
अखिलेश ने कहा कि इतिहास को नहीं पलटना चाहिए, जो इतिहास खुशहाली के रास्ते पर ना ले जाए। उसे नहीं पलटना चाहिए। क्योंकि, इतिहास में अच्छाई और बुराई दोनों होती है। जबसे वक्फ बिल पास हुआ है, तबसे बीजेपी के लोग इंडिया एलायंस का दुष्प्रचार कर रहे हैं। ये लोग पीडीए से घबराए हुए हैं। बीजेपी यही चाहती है कि हम लोग बुनियादी सवालों पर चर्चा ना करें। क्या उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद हो रही है ? सरकार ने खरीद के लिए प्राइवेट लोगों को लाइसेंस दे दिया है। यूपी और उत्तरखंड से सबसे ज़्यादा युवा फौज में जाते थे। लेकिन, पक्की भर्ती बंद करके अग्निवीर योजना शुरू कर दी गई।
