दरगाह आला हज़रत से अपील, सामाजिक जागरूकता अभियान में पूरी ज़िम्मेदारी के साथ भाग लेने का आह्वान
बरेली : देश की सुरक्षा तैयारियों को लेकर बुधवार यानी 07 मई की रात एक महत्वपूर्ण ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इस संदर्भ में देशभर के नागरिकों को जागरूक करने के लिए दरगाह आला हज़रत के प्रमुख संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने जनता से अपील की है कि वे इस सामाजिक जागरूकता अभियान में पूरी ज़िम्मेदारी के साथ भाग लें। फरमान मिया ने बताया कि मॉक ड्रिल दरअसल एक सिविल डिफेंस अभ्यास है। जिसमें युद्धकालीन परिस्थितियों की तरह ही हवाई हमलों के सायरन बजाए जाते हैं। शहरों की बिजली काटी जाती है (ब्लैकआउट), नागरिकों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने का अभ्यास कराया जाता है, और आपातकालीन सेवाएं अपनी भूमिकाएं निभाती हैं। इस ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को युद्ध या आपदा जैसी विपरीत परिस्थितियों के प्रति तैयार करना और भय, भ्रम व अफवाहों से बचाकर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
दरगाह की ओर से नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश
फरमान मिया ने विशेष रूप से देशवासियों से अनुरोध किया है कि वे ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान निम्नलिखित निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास को सफल बनाया जा सके। रात 8:00 से 8:10 तक सभी लाइटें बंद करें। घरों के पर्दे अच्छी तरह से खींच दें, ताकि अंदर से कोई रोशनी बाहर न दिखे। मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखें। यदि अलर्ट आता है कि सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ना है, तो घबराएं नहीं, सतर्कता और संयम के साथ बाहर निकलें। बुजुर्गों और बच्चों को प्राथमिकता दें, उन्हें सहारा दें और मदद करें।
राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक कर्तव्य
फरमान मिया ने कहा कि “आपातकालीन या प्रतिकूल परिस्थितियों में शांत और तैयार रहना हर नागरिक का कर्तव्य है। यह न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का सवाल है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है।” मउन्होंने दरगाह आला हजरत की ओर से जनता को आश्वासन दिया कि देश में अमन, शांति और सुरक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है और इस तरह के अभ्यासों में धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं का सहयोग एक सकारात्मक संदेश देता है।
