मीरगंज (बरेली)। फिल्मों की स्क्रिप्ट जैसी साजिश…बंद पड़े भट्ठे पर गाड़ी में बैठकर चोरी की बड़ी वारदात की प्लानिंग… मगर बदमाशों की यह मीटिंग ज्यादा देर गुप्त नहीं रह सकी। गुरुवार रात मुखबिर की सूचना पर मीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची। घेराबंदी की और फिर जो हुआ, वह पूरी तरह एक्शन फिल्म जैसा था।
पुलिस के घेरते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस की भी फायरिंग चली। एक गोली असरुद्दीन के पैर में लगी, जो मौके पर ही दबोच लिया गया। बाकी तीन रुखसत उर्फ बिहारी, कादिर और हरिओम को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस को इनके कब्जे से 14210 रुपये नकद, 1 किलो 79 ग्राम चांदी, 20 ग्राम सोने के जेवर, दो मोबाइल, एक बिना नंबर की महिंद्रा कार और अवैध असलहे बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि सिंधौली गांव में सुनार की दुकान से नौ महीने पहले बड़ी चोरी इन्हीं लोगों ने की थी। चोरी का माल मुकीम सुनार हमजा ज्वेलर्स, पशुपति विहार को बेचा गया था। जो सामान पकड़ा गया, वो उसी वारदात का हिस्सा है।चारों आरोपी बरेली और आस-पास के जिलों में शातिर और पेशेवर बदमाश के रूप में पहचाने जाते हैं। इनके खिलाफ कई संगीन धाराओं में केस दर्ज हैं।
पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
इस संयुक्त ऑपरेशन में मीरगंज थाना प्रभारी प्रयागराज सिंह के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी, दरोगा हरकिशोर मौर्य, सूरजपाल सिंह, राजवीर सिंह, जयप्रकाश सिंह, नवरत्न सिंह और उरवीर सिंह समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
