बरेली। फोन पे जैसा दिखने वाला फर्जी ऐप बनाकर दुकानदारों को ठगने वाले दो युवकों को फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग दुकानों से सामान खरीदने के बाद नकली ट्रांजेक्शन स्क्रीन दिखाकर रफूचक्कर हो जाते थे। ठगी का खुलासा तब हुआ जब मेडिकल स्टोर संचालक के खाते में पैसे नहीं पहुंचे और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समर्थ सिंह उर्फ क्रिस तोमर और चाणक्य नईर उर्फ आदि गुप्ता के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 19 साल है और ये फरीदपुर कस्बे के मोहल्ला महादेव के रहने वाले हैं। इनके साथ तीसरा आरोपी युवराज सिंह चौहान भी शामिल था, जो अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि आरोपी एक ऐसा मोबाइल एप इस्तेमाल करते थे जो दिखने में हूबहू असली फोन पे की तरह लगता था। ये लोग दुकानदार से सामान लेने के बाद उसका क्यूआर कोड स्कैन करते और फर्जी पेमेंट स्क्रीन दिखा देते। दुकानदार को लगता कि पेमेंट हो चुका है, लेकिन असल में कोई ट्रांजेक्शन होता ही नहीं था।
मेडिकल स्टोर से 1160 रुपये की दवा लेकर हुए थे फरार
17 अप्रैल को फतेहगंज पूर्वी में संयम प्रियदर्शी नामक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ भी यही ठगी की गई। आरोपियों ने 1160 रुपये की दवाएं लीं और नकली ऐप से फर्जी ट्रांजेक्शन दिखाकर चलते बने। जब देर तक पैसा नहीं आया तो दुकानदार को शक हुआ और उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि वे पहले भी कई दुकानों से इसी तरीके से ठगी कर चुके हैं। अब पुलिस इनके मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।
