भाजपा सरकार जनदबाव में आई, मजबूरी में लिया जाति जनगणना का फैसला सामाजिक न्याय की दिशा में पीडीए की यह सबसे बड़ी जीत INDIA गठबंधन का मजबूत दबाव बना जनआंदोलन का प्रतीक चेतावनी: चुनावी धांधली से दूर रहे जातिगत आंकड़ों की सच्चाई
लखनऊ : सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सोशल मीडिया हैंडल पर एक बयान आया है। इसमें कहा गया है कि देशभर में लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग को लेकर उठ रही आवाज़ों को अब सकारात्मक परिणाम मिलना शुरू हो गया है। पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग की एकजुटता और INDIA गठबंधन की मजबूत पहल के कारण केंद्र सरकार को जाति जनगणना के पक्ष में निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पीडीए की यह ऐतिहासिक जीत न सिर्फ सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि यह भाजपा की प्रभुत्ववादी राजनीति पर करारा जवाब भी है।
पीडीए की एकता ने बदला देश का राजनीतिक परिदृश्य
जातिगत जनगणना की मांग वर्षों से की जा रही थी, लेकिन सत्ता में बैठे वर्ग विशेष के हितों के चलते इसे बार-बार टाल दिया गया। अब, जब देशभर में पीडीए वर्ग के लोगों ने एकजुट होकर आवाज़ उठाई, तो सरकार को जनदबाव के आगे झुकना पड़ा।“यह फैसला 90% पीडीए की एकजुटता की 100% जीत है। सामाजिक न्याय की लड़ाई में यह हमारा पहला, लेकिन बेहद निर्णायक चरण है।”
भाजपा को चेतावनी: ईमानदारी से जनगणना हो, चुनावी धांधली नहीं
पीडीए नेताओं और INDIA गठबंधन की ओर से केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि “भाजपा जाति जनगणना को चुनावी धांधली का औज़ार न बनाए। ईमानदार और पारदर्शी गणना ही हर जाति को उसके वास्तविक संख्या के अनुसार हक और अधिकार दिला सकती है।” उन्होंने कहा कि अब वो वक्त खत्म हो गया है जब सत्ता पर काबिज वर्ग बहुसंख्यकों के अधिकारों को कुचलता आया था। जातिगत आंकड़े सामने आने के बाद नीति निर्धारण, बजट, शिक्षा, नौकरियों में आरक्षण जैसी व्यवस्थाएं हकीकत के आधार पर तय की जाएंगी।
भाजपा की नकारात्मक राजनीति का अंतिम चरण शुरू
बयान में कहा गया कि यह निर्णय भाजपा की सत्ता में बने रहने की प्रभुत्ववादी सोच पर करारा प्रहार है कि “यह सकारात्मक लोकतांत्रिक आंदोलन की शुरुआत है, और भाजपा की नकारात्मक राजनीति का अंत। संविधान के आगे अब मनविधान नहीं चलेगा।”नेताओं ने दो टूक कहा कि इस मुद्दे पर अब देश का बहुसंख्यक वर्ग जाग चुका है। अब कोई भी पार्टी इस यथार्थ को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती।
यह INDIA गठबंधन की जीत है
इस फैसले को INDIA गठबंधन की एकजुटता और रणनीतिक दबाव का नतीजा बताया गया। “यह INDIA की जीत है — एक ऐसे भारत की, जो सामाजिक न्याय, बराबरी और समावेश की बात करता है।”
