सपा प्रमुख बोले, ताकत दिखाने नहीं आया, सामाजिक न्याय की लड़ाई का ऐलान
लखनऊ/ आगरा : राज्यसभा में राणा सांगा पर टिप्पणी के बाद उपजे विवाद में अब राजनीति तेज हो गई है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगरा पहुंचे। उन्होंने सपा सांसद रामजी लाल सुमन के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यह हमला करणी सेना का नहीं, बल्कि एक ऐसी ‘सेना’ का था जो सरकार की शह और फंडिंग से संचालित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पूर्व नियोजित और साजिशन किया गया था, ताकि पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय को डराया जा सके। “सीएम के स्वजातीय लोगों ने जिस तरह तलवारें लहराईं, वो हिटलर की सेना की याद दिलाती हैं। ये लोकतंत्र नहीं, तानाशाही की ओर बढ़ता कदम है”।
“पीडीए को डराने की कोशिश”
सपा प्रमुख ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ सांसद सुमन पर हमला नहीं था, बल्कि पीडीए समुदाय को दबाने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि आगरा की घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि सरकार प्रायोजित साजिश के तहत की गई। बोले, “हमलावरों का इरादा जान लेने का था। दलितों और अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश की गई है”।
सामाजिक न्याय की लड़ाई का एलान

पूर्व सीएम ने आगरा को ‘दलितों की राजधानी’ बताते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई की शुरुआत का एलान किया। उन्होंने कहा कि आगरा अब सामाजिक संघर्ष का नया कुरुक्षेत्र बनेगा और समाजवादी पार्टी संविधानिक अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
भाजपा सरकार पर जातिवादी शासन का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जातिवादी मानसिकता से काम कर रही है। पुलिस, प्रशासन और एसटीएफ में एक विशेष जाति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने पुलिस भर्ती, आरक्षण में बदलाव और दलितों के खिलाफ हुई हिंसाओं का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा शासन में न्याय नाम की कोई चीज नहीं बची है। “प्रयागराज में दलित युवक को जलाकर मारा गया, आगरा में बारात पर हमला हुआ, इटावा और आजमगढ़ में दलितों पर अत्याचार हुए, लेकिन सरकार ने चुप्पी साध रखी है।”
राज्यसभा से हटाए गए बयान को सोशल मीडिया पर क्यों फैलाया गया?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि सांसद सुमन का बयान जब राज्यसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया था, तो उसे सोशल मीडिया पर फैलाने की अनुमति कैसे दी गई? उन्होंने इसे सरकार की सोची-समझी साजिश बताते हुए कहा कि सरकार जनता को भड़काकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है।
“हम डरने वाले नहीं”
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और पीडीए समुदाय अब जाग चुका है और भाजपा के किसी भी षड्यंत्र के सामने नहीं झुकेगा। “हम गोली से नहीं डरते, हम संविधान और सामाजिक न्याय के लिए लड़ेंगे,”।
पीडीए के अधिकारों के लिए छेड़ा जाएगा अभियान

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संकेत दिए कि आगरा सहित पूरे प्रदेश में सामाजिक न्याय और पीडीए के अधिकारों के लिए अभियान छेड़ा जाएगा। उन्होंने भाजपा पर ‘झूठे विकास’ और ‘सांप्रदायिक राजनीति’ के आरोप भी लगाए।
हजारों कार्यकताओं ने किया स्वागत

इस अवसर पर अखिलेश यादव के साथ कई वरिष्ठ सपा नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इसमें सांसद रामजी लाल सुमन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, सांसद रामभुआल निषाद, विधायक मुकेश वर्मा, पूर्व एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप, और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति संगठन के अध्यक्ष राहुल भारती आदि शामिल थे। इसके साथ ही हजारों कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव आगरा पहुंचे थे।
