गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे फर्जी एजेंटों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ितों का पूरा पैसा वापस कराया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की धोखाधड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शनिवार सुबह कड़ाके की ठंड के बीच गोरखनाथ मंदिर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 250 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने एक-एक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनी और अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन में आई एक महिला ने अपने परिवार के सदस्य को विदेश भेजने के नाम पर एजेंट द्वारा ठगी किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंट के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं और पीड़ित का पैसा हर हाल में वापस कराया जाए। मुख्यमंत्री ने महिला को समझाते हुए कहा कि विदेश जाने के नाम पर अनधिकृत एजेंटों के झांसे में न आएं, क्योंकि गलत तरीके से विदेश जाने पर लोगों को वहां जेल तक जाना पड़ सकता है।
पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पीड़ितों की मदद में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जनता की समस्याओं के समाधान में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जमीन कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कब्जों पर प्रभावी कार्रवाई कर कानून का सख्ती से पालन कराया जाए।
जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर आए लोगों को भी मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल से संबंधित इस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जरूरतमंदों को समय पर सहायता दी जा सके। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाई। परिजनों के साथ आए बच्चों को उन्होंने स्नेहपूर्वक दुलार किया, उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया और चॉकलेट देकर उत्साह बढ़ाया।
