गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन जनता के बीच नजर आए। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। इनमें जमीन विवाद, दबंगों द्वारा उत्पीड़न, पुलिस कार्रवाई में देरी और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। इन शिकायतों को सुनते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या दबंगई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग कमजोर वर्ग के लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई अभियुक्त जमानत पर छूटने के बाद वादी को धमकाता है, तो उसकी जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता न हो और हर पीड़ित को समय पर न्याय मिले। इस दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए शीघ्र एवं संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि हर नागरिक की समस्या का समाधान किया जाए और किसी के साथ भेदभाव न हो।
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और मानवीय पल भी देखने को मिला, जब कानपुर की रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची यशस्विनी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। बच्ची ने मुख्यमंत्री को एक खिलौना बुलडोजर भेंट किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और बच्ची को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया। उन्होंने बच्ची को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी विशेष संवेदनशीलता दिखाई। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आए लोगों से उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। जैसे ही अस्पताल से इलाज का अनुमान (इस्टीमेट) मिलेगा, सरकार तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के मिले। साथ ही, जमीन कब्जाने वाले भू-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
