हर साल 5 मई को विश्व हाथ स्वच्छता दिवस (World Hand Hygiene Day) मनाया जाता है। यह दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा शुरू की गई एक वैश्विक पहल का हिस्सा है। जिसका उद्देश्य है — हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देना और संक्रमण की रोकथाम करना। हालांकि, इस वर्ष की थीम “Clean Hands Are Within Reach” यानी ‘स्वच्छ हाथ हमारी पहुंच में हैं’। आपके हाथ पूरे दिन सतहों, वस्तुओं और लोगों से संपर्क में रहते हैं। इसके जरिए हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और कीटाणु आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। WHO के अनुसार, दुनिया में हर साल लाखों लोग सिर्फ हाथ की उचित स्वच्छता न अपनाने के कारण संक्रमण का शिकार होते हैं। सिर्फ साबुन और पानी से हाथ धोने से डायरिया के मामलों में 40 फीसद और सांस संबंधी संक्रमणों में फीसद तक कमी आ सकती है।
हाथ धोने का सही समय

खाना खाने से पहले और बाद में, शौचालय के उपयोग के बाद, छींकने या खांसने के बाद,बीमार व्यक्ति की देखभाल करने के बाद, घर लौटने के बाद (बाजार, स्कूल या कार्यस्थल से)
हाथ धोने का सही तरीका
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाथ धोने के लिए सही तरीका बताया है। इसमें हथेलियों को आपस में रगड़ें,हाथ की पिछली सतह को रगड़ें, उंगलियों के बीच सफाई करें, अंगूठों को साफ करें, नाखूनों और उंगलियों की नोकों को साफ करें, कलाई तक हाथ धोएं
कम से कम 20 सेकेंड तक धोएं हाथ
हर इंसान को कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना जरूरी है। अगर पानी उपलब्ध नहीं है, तो कम से कम 60 फीसद अल्कोहल युक्त सैनिटाइज़र का प्रयोग करें।“Clean Hands Are Within Reach” हमें बताती है कि स्वच्छता किसी विशेष वर्ग की चीज नहीं, बल्कि हर इंसान का मूल अधिकार और जिम्मेदारी है। इस अभियान का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण की रोकथाम, बच्चों और स्कूली छात्रों में आदत डालना, महामारी जैसे हालात में प्रभावी रोकथाम,स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन बनाना
बचपन से डालें बच्चों की आदत
बच्चों को शुरू से ही हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। स्कूलों, कार्यालयों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर हैंडवॉश की सुविधा सुनिश्चित करें, सोशल मीडिया और समाज में जागरूकता फैलाएं, खुद आदर्श बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
