नई दिल्ली/लखनऊ : जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद देश में नए उपराष्ट्रपति की खोज शुरू हो गई है। यह पद संवैधानिक रूप से भारत के दूसरे सबसे बड़े constitutional पदों में आता है, और इस बार चर्चा है कि केंद्र सरकार बिहार से किसी चेहरे को यह जिम्मेदारी सौंप सकती है। खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए।
चर्चा में ये तीन नाम सबसे आगे
उपराष्ट्रपति पद के लिए हरिवंश नारायण सिंह का नाम चर्चा में है। राज्यसभा के उपसभापति, पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश NDA के भरोसेमंद और सुलझे नेता माने जाते हैं। राम नारायण ठाकुर, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के बेटे हैं। समाजवादी मूल्यों और दलित-पिछड़े वर्ग में मजबूत पकड़ के चलते उनका नाम मजबूती से लिया जा रहा है। नीतीश कुमार, हालांकि सबसे बड़ा नाम है, परंतु राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार शायद ही यह भूमिका स्वीकार करें। इसके साथ ही उनका स्वास्थ्य और संवैधानिक जिम्मेदारी की मांगों को लेकर भी संशय बना हुआ है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिंहा का नाम भी चर्चा में है।
बिहार के राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश
बिहार के सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश भी की जा रही है। विपक्षी एकता को प्रभावित करने की रणनीति हो सकती है। जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर फैसला होगा।
