दुनिया युद्ध के मुहाने पर, मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण
दिल्ली : दुनिया इस समय एक बड़े युद्ध की आहट महसूस कर रही है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच अब मध्य-पूर्व में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं। इस्राइल ने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाते हुए एक साथ दर्जनों रॉकेट दागे गए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ईरान में लगभग 30 अलग-अलग ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
तेहरान में धमाके, मंत्रालयों और अहम ठिकानों को बनाया गया निशाना
हमलों के बाद तेहरान में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई और शहर के कई इलाकों में आसमान में काला धुआं उठता देखा गया। खबरों के अनुसार ईरान के कई सरकारी मंत्रालयों को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास भी विस्फोट की सूचना सामने आई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि धमाके के वक्त खामेनेई वहां मौजूद थे या नहीं। अमेरिकी समाचार एजेंसी Associated Press की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में कई धमाके हुए और लोगों ने जोरदार विस्फोट सुने।
इस्राइल में सायरन, आपातकाल घोषित
ईरान पर हमले के बाद इस्राइल में भी हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस्राइल में सायरन बजने लगे हैं और मिसाइल व ड्रोन हमलों की आशंका को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने पूरे देश में “विशेष और स्थायी आपातकाल” की घोषणा की है। इस्राइली सेना IDF का कहना है कि ईरान की ओर से जवाबी हमले की पूरी आशंका है। इसी वजह से सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है और दफ्तरों में वर्क-फ्रॉम-होम लागू किया गया है।

पूर्वव्यापी हमला, हवाई सीमा बंद, क्षेत्र में जंग का खतरा
इस्राइल ने ईरान के खिलाफ प्री-एम्पटिव यानी पूर्वव्यापी हमला शुरू करने की पुष्टि की है। पूर्वव्यापी हमला वह कार्रवाई होती है, जिसमें दुश्मन के संभावित हमले से पहले ही सैन्य कार्रवाई कर उसे कमजोर करने की कोशिश की जाती है। संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से इस्राइल ने अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है। उधर ईरान में भी तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर धमाकों की आवाज सुनी गई है, जिसकी पुष्टि ईरानी मीडिया ने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव, परमाणु कार्यक्रम को लेकर दबाव और इस्राइल-ईरान टकराव ने पूरे मध्य-पूर्व को युद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है। आने वाले घंटे और दिन यह तय करेंगे कि यह संघर्ष सीमित रहेगा या एक बड़े युद्ध का रूप ले लेगा।
