दरगाह-ए-आला हज़रत के 107वें उर्स में सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल से लेकर नफरत के खिलाफ हिन्दू-मुस्लिम एकता पर होगा ज़ोर
बरेली : दरगाह-ए-आला हज़रत में सोमवार (पीर) को हुई बैठक में 107वें उर्स-ए-रज़वी का एजेंडा तय किया गया। इस बार उर्स का मुख्य फोकस इस्लाम का शान्तिवाद, समाज सुधार, आपसी सौहार्द और नौजवानों में सोशल मीडिया का जिम्मेदाराना उपयोग रहेगा। दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की मौजूदगी में आयोजित बैठक में दुनियाभर से आने वाले उलेमा के लिए विशेष विषय तय किए गए।
समाज सुधार और आपसी एकता पर फोकस
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https://youtu.be/nogogbM6TIE?si=Ku4bCwJIbPfuM-7I
मुफ्ती मोहम्मद सलीम बरेलवी ने बताया कि उलेमा अपनी तकरीरों में नशाखोरी, जुआ, महिलाओं पर अत्याचार, बढ़ते दुष्कर्म, ब्याजखोरी, आपसी विवाद और मुकदमों की बढ़ती संख्या जैसे सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही शादियों में फिजूलखर्ची रोकने, निकाह आसान बनाने और बच्चों की कानूनी उम्र के बाद जल्द शादी करने पर भी जोर रहेगा।
नफरत फैलाने वालों के खिलाफ एकता का संदेश
उलेमा मंच से देश में नफरत फैलाने वालों के विरुद्ध अमन पसंद हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश देंगे और देशभर में मिलजुलकर रहने का पैग़ाम फैलाएंगे।
सोशल मीडिया का जिम्मेदाराना उपयोग
नौजवानों से सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक कंटेंट से बचने और केवल अमन-शांति व सकारात्मक संदेश फैलाने की अपील की जाएगी। साथ ही पाकिस्तानी कट्टरपंथी यू-ट्यूबर से सावधान रहने का भी संदेश दिया जाएगा।
जकात और सदका का सही इस्तेमाल
उलेमा अमीर मुसलमानों से अपील करेंगे कि वे अपनी ज़कात और सदका की रकम बीमार, बेरोजगार, छात्रों और बेटियों की शादी जैसे जरूरतमंद मामलों में सीधे तौर पर दें। बैठक में मुफ्ती आकिल रज़वी, मुफ्ती अय्यूब नूरी, राशिद अली खान, हाजी जावेद खान, अजमल नूरी, औरंगज़ेब नूरी, नासिर कुरैशी सहित कई लोग मौजूद रहे।
