प्रयागराज : मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज के संगम क्षेत्र में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने समर्थकों के साथ संगम नोज पर जाने की जिद पर अड़ गए। इस पूरे मामले पर प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने स्पष्ट बयान दिया है।
पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुबह करीब 9 बजे संगम क्षेत्र पहुंचे थे, जबकि सुरक्षा कारणों से यह स्थान पहले से ही बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके समर्थकों की पुलिस से झड़प हुई, इस दौरान उनके समर्थकों ने बैरिकेड भी तोड़े, जिसकी सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को समझाया गया कि वे परंपरा के खिलाफ जा रहे हैं, तो इसके बावजूद वे अपने रथ और लगभग 200 समर्थकों के साथ संगम नोज पर जाने की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने करीब तीन घंटे तक वापसी का रास्ता अवरुद्ध कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
उन्होंने कहा कि संगम पर आने वाला हर श्रद्धालु समान है और किसी भी संत या व्यक्ति को परंपरा के विरुद्ध विशेष अनुमति नहीं दी गई है। अगर रथ और 200 लोगों के साथ आगे बढ़ने दिया जाता, तो भगदड़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। कोहरे के कारण सुबह 9 से 10 बजे के बीच संगम पर भीड़ सबसे अधिक थी और उसी समय यह स्थिति पैदा हुई।
पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि किसी भी संत को परंपरा के खिलाफ जाने की इजाजत नहीं दी गई है और सभी को आम श्रद्धालुओं की तरह स्नान करने के निर्देश दिए गए हैं। तीन घंटे तक रास्ता रोके रखने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने आश्रम लौट गए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और फुटेज के विश्लेषण के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं माघ मेले के तीसरे और प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर संगम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। मेला प्रशासन के अनुसार दोपहर 12 बजे तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके थे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, इसके बावजूद संगम क्षेत्र में भारी भीड़ देखी गई।
इस पूरे मामले पर प्रयागराज मंडल की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी बयान देते हुए कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना अनुमति और परंपरा के विपरीत अपनी पालकी पर सवार होकर करीब 200 अनुयायियों के साथ संगम पहुंचे थे। उस समय संगम पर करोड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। उन्होंने बैरियर तोड़कर प्रवेश किया और तीन घंटे तक वापसी मार्ग अवरुद्ध किया, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हुई।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना अनुमति के और परंपरा के खिलाफ संगम पर स्नान करने पहुंचे थे। बार-बार अनुरोध के बावजूद वे अपनी जिद पर अड़े रहे। उनके समर्थकों द्वारा बैरियर तोड़ने और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विधिक कार्रवाई की जाएगी।
