दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को उस वक्त जमकर हंगामा हुआ, जब भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन की कार्यवाही को करीब 30 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। हंगामे की वजह मंत्री आतिशी की एक टिप्पणी बनी, जिस पर भाजपा विधायक माफी और कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायकों ने मंत्री आतिशी की टिप्पणी को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। भाजपा विधायकों का कहना था कि आतिशी की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि सदन की गरिमा के खिलाफ भी है। इसी को लेकर वे लगातार नारेबाजी करते हुए उनसे माफी की मांग कर रहे थे। उस समय आम आदमी पार्टी के विधायक सदन में मौजूद नहीं थे।
कुछ देर बाद जब आम आदमी पार्टी के विधायक विधानसभा पहुंचे, तो माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। आप विधायक पीली पगड़ी पहनकर सदन में आए, जिसे उन्होंने भाजपा के विरोध के प्रतीक के तौर पर बताया। सदन में पहुंचते ही आप विधायकों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
भाजपा विधायकों ने स्पष्ट तौर पर कहा कि मंत्री आतिशी से सिर्फ माफी मांगना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें उनकी टिप्पणी के लिए सजा मिलनी चाहिए। भाजपा का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियां लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भाजपा विधायक लगातार वेल में आकर नारेबाजी करते रहे।
वहीं आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भाजपा के विरोध का जवाब अपने प्रदर्शन से दिया। आप विधायकों ने सदन में भाजपा पर पलटवार करते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग कर दी। उनका आरोप था कि भाजपा जानबूझकर विधानसभा की कार्यवाही को बाधित कर रही है और असल मुद्दों से ध्यान भटका रही है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते हंगामे और शोर-शराबे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी विधानसभा परिसर में राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी रहा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिल्ली विधानसभा की राजनीति में बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित होती नजर आ रही है।
