दीपावली और होली पर मुफ्त गैस रिफिल योजना जारी रखने को मंजूरी, चार विभागों की भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण; धान खरीद, इलेक्ट्रिक बसों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर भी अहम निर्णय
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दीपावली और होली पर एक-एक मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने की योजना जारी रहेगी। इसके अलावा परिवहन, पुलिस, वन और कारागार विभागों की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने, धान खरीद केंद्र खोलने, इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलेंगे दो मुफ्त सिलेंडर
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि गरीब परिवारों को रसोई गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुफ्त एलपीजी रिफिल योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। योजना के तहत पहला मुफ्त सिलेंडर रिफिल अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दीपावली के अवसर पर और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 के बीच होली के अवसर पर दिया जाएगा। इसका लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उन्हीं पात्र लाभार्थियों को मिलेगा, जिनके बैंक खाते आधार से जुड़े होंगे और आधार प्रमाणीकरण पूरा होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना पर राज्य सरकार 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पात्र लाभार्थियों को दोनों त्योहारों पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराया जाएगा।
अग्निवीरों को चार विभागों की भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग के साथ पुलिस, वन और कारागार विभागों की भर्ती नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके तहत अग्निवीरों को इन विभागों की भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। मंत्री के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने 28 वर्ष तक की आयु सीमा का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही लिखित परीक्षा और शारीरिक मापदंडों में छूट दिए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि, अभ्यर्थियों को मेडिकल फिटनेस की शर्त पूरी करनी होगी। इन फैसलों का उद्देश्य सेना में सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को राज्य के विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
पश्चिमी यूपी में 15 अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद
कैबिनेट ने खरीफ विपणन सत्र के लिए धान क्रय केंद्र खोलने की समय-सारिणी को भी मंजूरी दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक धान खरीद की जाएगी। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय के मुताबिक, आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश में 4,500 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने बताया कि पिछले खरीद सत्र में उत्तर प्रदेश में 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। किसानों को खरीद प्रक्रिया से जोड़ने के लिए पंजीकरण की सुविधा पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी दी गई।
1725 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में नगरीय परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में फिलहाल 743 वातानुकूलित बसें संचालित हो रही हैं। नई बसों की खरीद के लिए निर्धारित नीति के तहत निविदा प्रक्रिया में सबसे कम दर देने वाली कंपनी से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी, जबकि बाकी 50 प्रतिशत बसें उत्तर प्रदेश के बस निर्माताओं से खरीदने का प्रावधान किया गया है। इस फैसले से शहरी परिवहन सेवाओं के विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भदोही का नाम होगा संत रविदासनगर भदोही
कैबिनेट ने भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नाम परिवर्तन का निर्णय उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की संशोधित धारा 6(2) के तहत लिया गया है। वर्ष 1997 में तत्कालीन मायावती सरकार ने जिले का नाम संत रविदास नगर रखा था। वर्ष 2014 में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार ने इसका नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब योगी सरकार ने जिले के नाम में संत रविदास का नाम फिर से शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नाम परिवर्तन के इस फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। हालांकि, नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया संबंधित अधिसूचना जारी होने के बाद पूरी होगी।
3.80 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी अतिरिक्त साड़ी
कैबिनेट ने प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को निर्धारित वेशभूषा में काम करने के लिए एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, इस फैसले से प्रदेश की 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने पर करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
एक बैठक में कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले
योगी कैबिनेट के इन फैसलों में घरेलू रसोई गैस सहायता, पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार, किसानों से धान खरीद, शहरी परिवहन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुविधाओं जैसे मुद्दे शामिल हैं। वहीं, भदोही जिले का नाम बदलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इन फैसलों को लागू करने के लिए संबंधित विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
