नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव में अब एक वर्ष से भी कम समय बचा है, इसलिए इन रिक्त सीटों पर अलग से उपचुनाव कराने की आवश्यकता नहीं है। आयोग के इस फैसले के बाद इन तीनों सीटों पर उपचुनाव की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं।
लखनऊ में राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन के दौरान किया ऐलान
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यह जानकारी लखनऊ स्थित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन के दौरान दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग पिछले कुछ महीनों से विभिन्न राज्यों के चुनाव और अन्य चुनावी प्रक्रियाओं में लगातार व्यस्त रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान 10 अप्रैल तक चलाया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के चुनावी कार्यक्रमों के चलते आयोग लगातार व्यस्त रहा।
विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण लिया गया फैसला
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब काफी नजदीक हैं। ऐसे में केवल कुछ महीनों के लिए उपचुनाव कराना व्यावहारिक नहीं माना गया। इसी कारण आयोग ने फैसला लिया है कि घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर अब अलग से उपचुनाव नहीं होंगे। निर्वाचन आयोग के अनुसार इन सीटों पर अब सीधे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान कराया जाएगा।
मतदाताओं को अगले विधानसभा चुनाव तक करना होगा इंतजार
निर्वाचन आयोग के इस फैसले के बाद तीनों विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं को अब अपने नए विधायक के चुनाव के लिए अगले आम विधानसभा चुनाव तक इंतजार करना होगा। घोसी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों पर उपचुनाव की संभावनाओं को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन अब आयोग के स्पष्ट बयान के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है।
चुनाव आयोग के फैसले से उपचुनाव की अटकलों पर विराम
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस बयान ने उत्तर प्रदेश की इन तीनों सीटों पर उपचुनाव को लेकर चल रही सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। अब निर्वाचन आयोग का पूरा फोकस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर रहेगा। राजनीतिक दल भी अब इन सीटों पर उपचुनाव की तैयारी के बजाय सीधे विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने में जुटेंगे।
