दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज, अब मैदान में केवल 10 उम्मीदवार; 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज कर दिए गए। इसके बाद अब भारतीय जनता पार्टी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में बचे हैं। ऐसे में सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।
दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार कांते सायन्ना और ओंकार नाथ चौरसिया के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। बताया गया कि दोनों उम्मीदवारों के नामांकन में जरूरी प्रस्तावक संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं थीं। इसी आधार पर जांच के दौरान उनके पर्चे निरस्त कर दिए गए। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक राज्यसभा की 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए थे।
9 अक्टूबर के बाद निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा
अब चुनाव मैदान में बीजेपी के आठ और सपा के दो उम्मीदवार रह गए हैं। नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। यदि तय समय सीमा तक किसी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया तो सभी 10 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बीजेपी के आठ उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्यसभा के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने नामांकन दाखिल किया है। दो निर्दलीय उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद बीजेपी के सभी आठ उम्मीदवारों का निर्वाचन निर्विरोध होना लगभग तय है।
सपा के दो उम्मीदवार भी निर्विरोध जाएंगे राज्यसभा
समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज नाथवानी ने नामांकन दाखिल किया है। अब दोनों उम्मीदवारों के सामने भी कोई निर्दलीय या अन्य उम्मीदवार नहीं बचा है। इसलिए नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका भी निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
25 नवंबर को खत्म हो रहा 10 सदस्यों का कार्यकाल
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसी वजह से इन सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा करेंगे।
