सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि,एसपी चीफ ने पूछा-चुनाव आयोग के साथ क्यों खड़ी है BJP?
लखनऊ/सैफई : समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षामंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर 10 अक्टूबर को प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम इटावा के सैफई में हुआ। यहां समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव, पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों कार्यकर्ताओं ने नेताजी की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने नेताजी के समाजवादी विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। वहीं, मीडिया से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग को लेकर कई सवाल उठाए।उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाला अगला विधानसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिहाज से सबसे बड़ी परीक्षा होगा।
नेताजी का जीवन समाजवादी विचारधारा की धरोहर : अखिलेश

मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सिद्धांतों के लिए समर्पित नेताजी का जीवन पार्टी और समाज के लिए सबसे बहुमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि नेताजी ने हमेशा कमजोर, पीड़ित और बेसहारा लोगों की मदद करने की सीख दी। उनके अनुसार, नेताजी मानते थे कि मदद ही मानवता की पहली सीढ़ी है और समाज में सबसे कमजोर व्यक्ति की ओर हाथ बढ़ाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी ने केवल सामाजिक भेदभाव खत्म करने की बात नहीं की, बल्कि लोगों के मन में मौजूद भेदभाव की भावना को मिटाने पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा कि कागजों पर समानता लिख देने से वास्तविक बदलाव नहीं आता, जब तक लोगों के बीच मनमुटाव और भेदभाव समाप्त न हो। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में लोग पीड़ित, दुखी और अपमानित हैं, तब तक संघर्ष जारी रखना होगा।अखिलेश यादव ने PDA को प्रेम, दया और अपनापन की भावना से जोड़ते हुए कहा कि नेताजी इन मूल्यों के जीवंत उदाहरण थे और उनकी स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को रास्ता दिखाती रहेंगी।उन्होंने समाजवादी विचारधारा को आने वाली कई पीढ़ियों तक आगे बढ़ाने, कमजोर और वंचित लोगों का मनोबल बढ़ाने तथा नेताजी के विकास कार्यों की कड़ी को आगे ले जाने का संकल्प भी दोहराया।
चुनाव आयोग पर सवाल उठे, तो BJP क्यों सामने आती है?
पुण्यतिथि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से काम करना है। जब मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठ रहे हैं, तो भाजपा उनका बचाव करने के लिए सामने क्यों आ रही है? अखिलेश यादव ने कहा, “कमजोर सरकारें पुलिस को आगे करती हैं। चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर उंगली उठी है, इलेक्शन कमीशन के साथ भारतीय जनता पार्टी क्यों खड़ी है?”उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा चुनाव आयोग के समर्थन में खड़ी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष फैसले लेने चाहिए। सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर देश के विभिन्न राजनीतिक दल समय -समय पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्षता सुनिश्चित करने की अपील की।
उपचुनावों में धांधली और वोट कटवाने का आरोप
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों को लेकर भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हुए उपचुनावों के दौरान प्रशासन की मदद से कथित तौर पर धांधली की गई और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश हुई। उन्होंने मीरापुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां एक पुलिस अधिकारी ने रिवॉल्वर तानकर लोगों को वोट डालने से रोकने का प्रयास किया था।अखिलेश यादव के मुताबिक, महिलाओं को अपने मताधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हर मतदाता को बिना किसी दबाव के वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में मताधिकार को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर फर्जी हस्ताक्षरों और फॉर्म-7 के माध्यम से समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने की कोशिश की गई। अखिलेश यादव ने लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि दशरथ नाम के व्यक्ति के नाम से 100 से अधिक फॉर्म-7 भरवाए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिधूना विधानसभा क्षेत्र में सपा के नगर अध्यक्ष के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से वोट कटवाने के लिए फॉर्म भरवाए गए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इन मामलों में सबूतों के साथ शिकायत की, लेकिन उनके मुताबिक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश यादव ने मांग की कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रपति से मुलाकात और सबूतों का उठाया मुद्दा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात की है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के संबंध में सबूत मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग से निष्पक्षता और जवाबदेही की अपेक्षा करता है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को प्रभावित करना चाहती है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए और किसी भी मतदाता को राजनीतिक कारणों से उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। अखिलेश यादव ने तकनीक के इस्तेमाल से मतदाता सूची में नाम शामिल करने या हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता बनाए रखने और शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की।
2027 का विधानसभा चुनाव सबसे बड़ी परीक्षा : अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए लगातार जनता के बीच रहना होगा और लोगों के मुद्दों को उठाना होगा। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाला चुनाव सबसे महत्वपूर्ण होगा और इसमें समाजवादी पार्टी की बड़ी भूमिका रहने वाली है। उन्होंने किसान, नौजवान, छात्र, व्यापारी और समाज के अन्य वर्गों को एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ही संविधान बचाने का काम करेगी। उनके मुताबिक, PDA समाज के लोगों के साथ किसान, नौजवान और व्यापारी भी इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसकी नीतियां लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण के लिए खतरा हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।
युवाओं के आंदोलन पर बोले- हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा
समाजवादी पार्टी की ओर से जारी एक अन्य बयान में अखिलेश यादव ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी देश की युवा ऊर्जा के साथ खड़ी है और सरकार को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि ताकत के बल पर जनता की आवाज को दबाया जा सकता है। अखिलेश यादव ने कहा कि जंतर-मंतर अब केवल एक स्थान का नाम नहीं, बल्कि नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास करेगी, तो देश के अलग-अलग हिस्सों में भी जंतर-मंतर जैसे आंदोलन खड़े हो सकते हैं। उन्होंने युवाओं के हौसले और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करते हुए कहा कि जनता की आवाज को दबाने के बजाय उसकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए।
अयोध्या को लेकर अखिलेश यादव का तंज

उन्होंने अयोध्या को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कथित चंदा और दान संबंधी अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए भाजपा को घेरने की बात कही। अखिलेश यादव ने कहा कि PDA का एक युवा प्रहरी भी गलत काम करने वालों को चुनौती देने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने अयोध्या के मतदाताओं और महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता चुनाव में अहंकार का जवाब दे सकती है।
सपा मुख्यालय लखनऊ में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम

लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्टी कार्यालय में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, सांसद अक्षय यादव सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
