SIR और कथित फर्जी वोटों को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की ‘चार सौ बीसी’ नहीं चलने देने का दावा, दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की पाबंदी को लेकर भी साधा निशाना
लखनऊ/नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित फर्जी वोटों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और नौकरशाही भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं को अपने हिसाब से चलाना चाहती है।अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, “असली खतरा लोकतंत्र का बीजेपी है, बीजेपी हटेगी तो लोकतंत्र बचेगा, बीजेपी हटेगी तो संविधान बचेगा।” उन्होंने दावा किया कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। उनके इन बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में SIR, मतदाता सूची और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
SIR पर सवाल, एक नाम पर 10 वोट होने का दावा
डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित लोहिया पार्क में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, प्रशासनिक मशीनरी लगाई गई और प्रचार किया गया, लेकिन अब दोबारा मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि SIR के बावजूद मतदाता सूची में कथित फर्जी और डुप्लीकेट नाम मौजूद हैं। उन्होंने आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास यादव नाम के एक व्यक्ति के 10 वोट दर्ज होने का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा, “एक विधानसभा में विकास यादव नाम के 10 वोट हैं, एक विकास यादव डालेगा, बाकी 9 बीजेपी डालेगी।” यह आरोप लगाते हुए उन्होंने चुनाव आयोग से पूरे मामले पर जवाब देने और अपनी निष्पक्षता साबित करने की मांग की। सपा अध्यक्ष ने लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र का भी उल्लेख किया। उनका आरोप था कि वहां समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट कटवाने के लिए दशरथ नाम के व्यक्ति के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से 100 फॉर्म भरवाए गए थे।
जिम्मेदारों पर नहीं की कार्रवाई
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने इस मामले को उठाया, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाना चाहिए। इन मामलों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और निर्वाचन आयोग का पक्ष सामने आना जरूरी है।
403 सीटों पर भाजपा की चार सौ बीसी नहीं चलने देंगे

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों का जिक्र करते हुए भाजपा पर चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने SIR को लेकर कहा कि पहले हुई प्रक्रिया को शून्य कर दिया गया और अब दोबारा अभियान चलाया जा रहा है। उनके मुताबिक, यदि पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद भी कथित फर्जी वोट मौजूद हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएगी और किसी कानून को नहीं तोड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मताधिकार और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।
PDA जागरूक है, समाजवादी सरकार बनने जा रही है
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए PDA को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई समाजवादी पार्टी उठाती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि PDA जागरूक है, और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उनके मुताबिक, पार्टी जनता के मुद्दों, रोजगार, महंगाई और सामाजिक समानता को लेकर अपना अभियान जारी रखेगी।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और नेताजी मुलायम सिंह यादव के संघर्षों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, समानता और समाजवाद का संदेश
डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोमतीनगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया ने जीवनभर भेदभाव, अन्याय और ऊंच-नीच की भावना के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने समानता और खुशहाली पर आधारित समाज की कल्पना की थी।
सपा अध्यक्ष ने महंगाई और आर्थिक असमानता पर भी चिंता जताई
उन्होंने कहा कि देश में कुछ लोग अत्यधिक अमीर हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जरूरतों का सामान जुटाने में कठिनाई होती है। उन्होंने रोजगार की कमी और बढ़ती महंगाई को भी प्रमुख मुद्दा बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जरूरी वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए डॉ. लोहिया की ‘दाम बांधो नीति’ की अवधारण के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी सामाजिक समानता और आर्थिक खुशहाली के लिए काम करेगी।इस अवसर पर गोवा में डॉ. लोहिया से संबंधित राष्ट्रीय संगोष्ठी की स्मारिका भी अखिलेश यादव को भेंट की गई। उन्होंने गोवा की मुक्ति के संघर्ष में डॉ. लोहिया की भूमिका को याद करते हुए उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।
दिल्ली में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ मार्च में शामिल हुए अखिलेश
उत्तर प्रदेश में SIR को लेकर सवाल उठाने के साथ ही अखिलेश यादव दिल्ली में INDIA गठबंधन के विरोध मार्च में भी शामिल हुए। इस मार्च का उद्देश्य कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों को उठाना तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की मांग करना था। 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया।अखिलेश यादव ने कहा कि जगह बदलने से संघर्ष बंद नहीं होता।उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी और विपक्ष लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए अपना विरोध जारी रखेंगे।
जंतर-मंतर पर पाबंदी को लेकर भाजपा पर निशाना
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर को प्रतिबंधित करना भाजपा सरकार की बड़ी हार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को जनता के विरोध से डरना नहीं चाहिए और प्रदर्शनकारियों को ऐसे स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए, जहां उनकी बात सत्ता तक सीधे पहुंच सके। इसी क्रम में उन्होंने ‘लोक कल्याण मार्ग’ पर प्रदर्शन के लिए जगह देने का सुझाव भी दिया।
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाकर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान को वैकल्पिक स्थल घोषित किया। इस फैसले को लेकर भी विरोध और राजनीतिक बयानबाजी हुई। अखिलेश यादव ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों को रोकने के तरीके पर भी सवाल उठाए।उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सशस्त्र बलों को जिस तरह के हथियारों के साथ भेजा गया, उसे देखकर लगता है कि अब केवल टैंक आना बाकी है। उन्होंने टिप्पणी की, “सत्ता जितनी डरी होती है, उसकी बंदूक उतनी बड़ी होती है।
शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने का ऐलान
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी और किसी कानून को नहीं तोड़ेगी।उन्होंने भाजपा पर पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया।सपा अध्यक्ष के मुताबिक, लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। समाजवादी पार्टी ने अपने संदेश में ‘परिवर्तन लाएंगे, लोकतंत्र बचाएंगे’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे दोहराए। पार्टी का कहना है कि वह मतदाता अधिकारों, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
