60% बुवाई पूरी, 6.90 करोड़ कुंतल शुद्ध बीज ऑनलाइन…महिला समूहों की बड़ी भागीदारी, किसानों को हर स्तर पर मदद के आदेश
लखनऊ/बरेली : उत्तर प्रदेश में गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा अभियान तेज कर दिया है। गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने चीनी मिलों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों की हर संभव मदद करें और गन्ना बुवाई के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करें।
बुवाई में तेजी, लक्ष्य से आगे बढ़ने की तैयारी
प्रदेश में बसंतकालीन गन्ना बुवाई के लिए 14.48 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 8.71 लाख हेक्टेयर (करीब 60%) बुवाई पूरी हो चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर बताया जा रहा है।
पहली बार ऑनलाइन बीज व्यवस्था
6.90 करोड़ कुंतल शुद्ध गन्ना बीज आरक्षित किसानों के लिए ऑनलाइन पोर्टल और SMS सुविधा है। नई उन्नत किस्में जैसे को.शा., को.लख. आदि उपलब्ध है। बीज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए “सीड ट्रैक एंड ट्रेस ऐप” भी विकसित किया जा रहा है।
महिला समूहों की बड़ी भागीदारी
3,184 स्वयं सहायता समूह सक्रिय करीब 60,000 महिलाएं गन्ना नर्सरी में जुटीं हैं। 1.48 लाख महिला किसानों को पहली बार प्राथमिकता यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
चीनी मिलों को सख्त निर्देश
उन्होंने बताया कि किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और मशीनरी में सहायता दी गई है। 94 करोड़ रुपये का बजट बीज व परिवहन के लिए ट्रेंच प्लांटर, स्प्रेयर और अन्य उपकरण अनुदान पर उपलब्ध है। 148 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित जल्द मिनी केन हार्वेस्टर और ड्रोन शामिल होंगे। सैटेलाइट तकनीक से गन्ना क्षेत्र और फसल की निगरानी की जा रही है।
चीनी उद्योग में बड़ा निवेश
121 चीनी मिलें संचालित हैं। 2,000 मेगावाट बिजली उत्पादन 258.67 करोड़ लीटर क्षमता के एथनॉल प्लांट लगाएं हैं। 9 वर्षों में 9,367 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। सरकार ने अपने कार्यकाल में 3.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान किया, जो पिछले 10 वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा है।
