उन्नाव : जिले में खेले जा रहे अंडर-13 क्रिकेट लीग मुकाबले के दौरान एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र स्थित राहुल सप्रु मैदान में अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। मैदान में मौजूद खिलाड़ी, अंपायर और ग्राउंड स्टाफ अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी में 65 वर्षीय अंपायर मानिक गुप्ता गिर पड़े और मधुमक्खियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 50 से ज्यादा मधुमक्खियों ने लगभग 10 मिनट तक उन पर लगातार हमला किया।

50 से ज्यादा डंक, हालत हुई नाजुक
मधुमक्खियों के हमले में मानिक गुप्ता को 50 से अधिक डंक लगे। मैदान में मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाने की कोशिश की। इस दौरान मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों, अन्य अंपायरों और ग्राउंड स्टाफ समेत 40 से 50 लोगों को डंक मारे। गंभीर रूप से घायल मानिक गुप्ता को तुरंत इलाज के लिए कानपुर ले जाया गया। पहले उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।

30 साल की अंपायरिंग, एक हादसे में अंत
कानपुर के फीलखाना क्षेत्र में रहने वाले मानिक गुप्ता पिछले 30 वर्षों से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के लिए अंपायरिंग कर रहे थे। वे खेल जगत में एक अनुशासित और सम्मानित अंपायर के रूप में जाने जाते थे। उनके साथी अंपायर सुनील कुमार निषाद ने बताया कि मैदान की बाउंड्रीवॉल से सटे बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था। सुबह से ही मधुमक्खियां मंडरा रही थीं और तीन बार हमला हुआ, लेकिन तीसरी बार पूरा झुंड टूट पड़ा। उम्र अधिक होने और हृदय रोगी होने के कारण मानिक गुप्ता इस हमले को सहन नहीं कर सके।

अंतिम विदाई में टूट गया परिवार
पोस्टमॉर्टम के बाद जब मानिक गुप्ता का शव कानपुर स्थित उनके घर पहुंचा, तो कोहराम मच गया। पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं। अंतिम यात्रा के दौरान बार-बार शव के पास जाकर हाथ फेरती रहीं। भागवत दास घाट पर अंतिम संस्कार के समय सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला, जब उनकी छोटी बेटी समृद्धि ने पिता के चेहरे को बार-बार पोंछा और कांपते हाथों से मुखाग्नि दी। मैदान में खेल शुरू होने से पहले सुरक्षा इंतजामों पर अब सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम और खेल मैदानों में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
