सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- प्रयागराज में छात्रों पर कार्रवाई अमानवीय, यूपीपीएससी में SIR की मांग, बोले-भाजपा जाए तो नौकरी आए!
लखनऊ/प्रयागराज : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाहर आंदोलन कर रहे प्रतियोगी छात्रों के साथ पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे अमानवीय, अपमानजनक और सत्ता के अहंकार का प्रतीक बताते हुए कहा कि बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं पर मारपीट, बाल पकड़कर घसीटना और डराना भाजपा सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। अखिलेश यादव ने कहा कि पढ़ने वाले युवा लड़ाई नहीं चाहते, वे सिर्फ़ नौकरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुद्धिकरण की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आंदोलन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी प्रतियोगी छात्रों के साथ नैतिक बल बनकर खड़ी है।
UPPSC की परीक्षा प्रणाली पर सवाल, SIR की मांग
सपा अध्यक्ष ने यूपीपीएससी की परीक्षा प्रणाली और चयन प्रक्रिया पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीर बताते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू (SIR) की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी नहीं होगी, तब तक युवाओं का भरोसा बहाल नहीं हो सकता।
भाजपा के एजेंडे में नौकरी नहीं!
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं। भाजपा जाए तो नौकरी आए।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने छात्रों और नौजवानों से झूठे वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही। आज प्रदेश में हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।
नाम बदलने की राजनीति और ‘डबल इंजन’ पर तंज
पूर्व सीएम ने भाजपा की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “यह नाम बदलने की संस्कृति भाजपा की बहुत पुरानी है।”उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ पर भी तंज कसते हुए कहा कि “डबल इंजन वाली सरकारें दूसरों के काम को अपने काम बता रही हैं।” भाजपा के संगठनात्मक हालात पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में बड़ी हार के बाद भाजपा में कोई अध्यक्ष बनने को तैयार नहीं है और सिर्फ एक नामांकन आना भाजपा के लिए चिंता का विषय है।
‘पारो-पिनाकी’ फिल्म की तारीफ
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फिल्म ‘पारो-पिनाकी’ को लेकर कहा कि यह एक अच्छी फिल्म है और उन्हें उम्मीद है कि इसका संदेश लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के सम्मान और उनके भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भाजपा सरकार ने प्रतियोगी छात्रों की मांगों को अनसुना किया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
