सुलतानपुर : उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां गर्लफ्रेंड की मौत के सदमे में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। तीन साल पुराने प्रेम संबंध का अंत दो जिंदगियों के खत्म होने के साथ हुआ, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।
यह मामला लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के भागीरथ पट्टी, घाटमपुर उत्तरी गांव का है। यहां रहने वाला विनीत (25), जो तीन भाइयों में सबसे छोटा था, अपनी प्रेमिका अर्पिता की मौत के बाद गहरे अवसाद में चला गया। अर्पिता की 25 फरवरी की दोपहर एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह अपने भाई के साथ बाजार जा रही थी, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अर्पिता की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, विनीत को जब अगले दिन अर्पिता की मौत की जानकारी मिली, तो वह पूरी तरह टूट गया। वह उसे आखिरी बार देखने अर्पिता के घर पहुंचा, लेकिन तब तक उसका अंतिम संस्कार हो चुका था और उसे दफना दिया गया था। यह बात विनीत के लिए असहनीय साबित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह खबर सुनते ही वह रोते-रोते बेहोश हो गया। परिजन किसी तरह उसे घर वापस लाए।
विनीत के भाई स्वामित्त ने बताया कि अर्पिता की मौत के बाद विनीत ने खाना-पीना छोड़ दिया था। वह किसी से बात नहीं करता था और अकेले रहना पसंद करने लगा था। परिवार ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन उसका दुख लगातार गहराता गया। शाम होते-होते वह फिर अर्पिता के घर की ओर चला गया। वहां उसे पता चला कि अर्पिता को कब्रिस्तान में दफना दिया गया है।
इसके बाद विनीत सीधे कब्रिस्तान पहुंचा और अर्पिता की कब्र को खोदने लगा। वहां मौजूद लोगों ने जब उसे रोका, तो वह वहां से भाग गया। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः लंभुआ कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। दो दिन बाद, यानी 28 फरवरी को गांव के पास एक बाग में विनीत का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। इस खबर से पूरे गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने विनीत को उसकी प्रेमिका अर्पिता की कब्र के पास ही दफना दिया।
इस बीच, विनीत के आत्महत्या से पहले का एक इंस्टाग्राम पोस्ट भी सामने आया है, जिसने सभी को भावुक कर दिया। पोस्ट में उसने लिखा था,“हेलो भाई… ये मेरा आखिरी वीडियो है। जब मेरी जान ही इस दुनिया में नहीं रही तो मैं जी के क्या करूंगा। मुझे माफ करना भाई लोग, बाय।”
परिवार ने बताया कि विनीत चौथी कक्षा तक पढ़ा था और एक कपड़े की दुकान में काम करता था। उसी दुकान में अर्पिता भी काम करती थी। यहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। विनीत के पिता का पांच साल पहले निधन हो चुका था, जिससे वह पहले से ही भावनात्मक रूप से कमजोर था।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी कर ली है और इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि गहरा भावनात्मक आघात किस तरह किसी की जिंदगी को पूरी तरह खत्म कर सकता है।
