बरेली/पीलीभीत : यूपी के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक वयस्क बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। यह शव माला रेंज अंतर्गत महोफ और माला के बीच स्थित धमेला वॉच टॉवर के पास मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और जांच शुरू कर दी। वन विभाग की नियमित गश्ती टीम को शनिवार देर रात जंगल के भीतर बाघ का शव दिखाई दिया। स्थान को संवेदनशील मानकर तत्काल इलाके को सील कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में बाघ के शरीर पर गोली, जाल या किसी स्पष्ट संघर्ष के निशान नहीं पाए गए हैं।हालांकि, स्पष्ट चोट के निशान न मिलने से मौत के कारणों को लेकर रहस्य और गहरा गया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में आंतरिक चोट, जहर या आपसी संघर्ष की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
डीएफओ समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ (मंडल वन अधिकारी) भरत कुमार डीके टीम के साथ मौके पर पहुंचे, और साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। बरेली से फील्ड डायरेक्टर और एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। देर रात करीब दो बजे सीसीएफ (मुख्य वन संरक्षक) ने घटनास्थल का निरीक्षण कर उच्च स्तरीय जांच के संकेत दिए। प्रोजेक्ट टाइगर के नोडल अधिकारी के भी मौके पर पहुंचने की संभावना है।
आईवीआरआई में होगा पोस्टमॉर्टम
मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए बाघ का पोस्टमॉर्टम बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में कराया जाएगा। डीएफओ भरत कुमार डीके ने मीडिया को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। इस मामले में आईवीआरआई की पोस्टमार्टम टीम से बात करने की कोशिश की गई। मगर, फोन न उठने से संपर्क नहीं हो सका है।
बढ़ाई गई निगरानी, कैमरा ट्रैप खंगाले जा रहे
वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। कैमरा ट्रैप फुटेज की जांच की जा रही है। ताकि, यह पता लगाया जा सके कि बाघ की अंतिम गतिविधियां क्या थीं, और क्या किसी बाहरी गतिविधि के संकेत मिले थे। वन्यजीव संरक्षण के सभी मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
