नई दिल्ली/लखनऊ: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने पत्र में स्वास्थ्य कारणों और डॉक्टर की सलाह का हवाला दिया। उनके इस्तीफे ने जहां राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, तो वहीं इतिहास में झांकने पर यह सामने आता है कि वह भारत के तीसरे ऐसे उपराष्ट्रपति हैं, जिन्होंने कार्यकाल के बीच में इस्तीफा दिया है। भारत के पहले उपराष्ट्रपति जिन्होंने कार्यकाल पूरा किए बिना इस्तीफा दिया था। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला, लेकिन जब उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया, तो 2 जुलाई 1969 को इस्तीफा दे दिया।
भैरों सिंह शेखावत ने भी दिया था इस्तीफा
UPA उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल से राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद 21 जुलाई 2007 को उन्होंने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया। इस फैसले के बाद 21 दिनों तक यह पद रिक्त रहा, और फिर हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति बने। जगदीप धनगढ़ ने 21 जुलाई 2025 को मानसून सत्र के पहले ही दिन उन्होंने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने लिखा कि “स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67(a) के तहत तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं।”धनखड़ अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति बने थे और उनका कार्यकाल 2027 तक था। लेकिन मार्च 2025 में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी, और तब से स्वास्थ्य कारणों के चलते वह सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर थे।
अब क्या होगा आगे?
अब उपराष्ट्रपति का चुनाव 68(2) के तहत जल्द से जल्द कराया जाएगा। जब तक नया उपराष्ट्रपति नहीं चुना जाता, तब तक राज्यसभा की कार्यवाही उपसभापति या राष्ट्रपति द्वारा नामित किसी अन्य सदस्य द्वारा चलाई जाएगी।
