पीलीभीत : पीलीभीत जिले में पुलिस अभिरक्षा से एक आरोपी के फरार होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक युवक ने मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों के बीच खलबली मच गई और आरोपी की तलाश के लिए कई टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार फरार आरोपी का नाम सुल्तान है, जो बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ग्यासपुर का निवासी बताया जा रहा है। सुल्तान पर बीते 7 जून को मोहल्ला पटेल नगर में चोरी की वारदात को अंजाम देने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक उसने राकेश कुमार और सुरेंद्र कुमार के घर में घुसकर बैटरी और मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। चोरी की पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
पीड़ितों की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बीसलपुर कोतवाली पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही थी। वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराना आवश्यक था, इसलिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए सिपाही प्रबल प्रताप सिंह और एक रिक्रूट आरक्षी बाइक पर बैठाकर सीएचसी लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर द्वारा मेडिकल जांच पूरी किए जाने के बाद दोनों पुलिसकर्मी आरोपी को वापस कोतवाली लाने के लिए बाइक पर बैठाकर अस्पताल परिसर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने मौका देखकर पुलिसकर्मियों को चकमा दे दिया और वहां से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी अचानक बाइक से उतरकर तेजी से भागा और देखते ही देखते लोगों की भीड़ के बीच गायब हो गया। जब तक पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, तब तक वह उनकी पकड़ से दूर निकल चुका था। आरोपी के फरार होते ही पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में खलबली मच गई। आरोपी की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन देर शाम तक फरार आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कई विशेष टीमें गठित कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है। आसपास के थानों को भी अलर्ट कर दिया गया है और आरोपी की तस्वीर व विवरण साझा किया गया है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस की अभिरक्षा में मौजूद आरोपी ही आसानी से फरार हो जाए तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी को पर्याप्त सुरक्षा में क्यों नहीं रखा गया था और उसके हाथों में हथकड़ी थी या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। यदि ड्यूटी में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
