लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आज से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो गईं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित परीक्षा के पहले दिन सुबह की पाली में हाईस्कूल हिंदी विषय का प्रश्न पत्र हुआ। परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों के चेहरों पर संतोष साफ नजर आया। छात्रों का कहना था कि प्रश्न पत्र आसान था और सिलेबस से ही सवाल पूछे गए थे। कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने जैसा पढ़ा था, वैसा ही प्रश्न पत्र आया, जिससे समय पर पेपर पूरा करना आसान रहा।
लखनऊ में परीक्षार्थियों का पुष्पवर्षा से स्वागत, कड़ी चेकिंग के बाद प्रवेश
राजधानी लखनऊ में परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की गईं। काली चरण इंटर कॉलेज सहित कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद प्रवेश पत्र और आधार कार्ड की जांच कर छात्रों को परीक्षा कक्ष में भेजा गया। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फोन या स्मार्ट वॉच पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी ने परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जियामऊ परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया और छात्रों से बातचीत कर उन्हें तनावमुक्त होकर परीक्षा देने की सलाह दी।
कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी, लखनऊ में 1 लाख से अधिक अभ्यर्थी
परीक्षा की सुचारु निगरानी के लिए लखनऊ के जुबिली इंटर कॉलेज में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। डीआईओएस राकेश कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम में पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर और स्टाफ तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। राजधानी लखनऊ में कुल 1,03,088 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं, जिनमें हाईस्कूल के 51,907 और इंटरमीडिएट के 51,181 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। परीक्षा की निगरानी के लिए 121 परीक्षा केंद्रों पर बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 8,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 4,000 से ज्यादा कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रदेशभर में 8033 परीक्षा केंद्र, 18 जनपद संवेदनशील घोषित
प्रदेश स्तर पर इस वर्ष कुल 53,37,778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 विद्यार्थी शामिल हैं। परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 596 राजकीय, 3453 सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं। सीतापुर जिले में 146 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां पहले दिन करीब 51 हजार विद्यार्थी हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में शामिल हुए। छात्रों को टीका लगाकर प्रवेश दिया गया और नकल रोकने के लिए जिले को 7 जोन व 12 सेक्टर में बांटा गया है।
राज्य सरकार ने 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया है। 222 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं, जहां एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई की कड़ी निगरानी में परीक्षा कराई जा रही है।
