बरेली : मुकद्दस रमज़ान माह का चांद सऊदी अरब में नज़र आ गया है। इसके बाद वहां 18 फरवरी, बुधवार को पहला रोज़ा रखा जाएगा। सऊदी अरब में चांद नज़र आने के ऐलान के साथ ही रमज़ान की शुरुआत हो गई है। शाबान माह की 29वीं तारीख की शाम चांद नज़र आने के बाद ही देशभर में रमज़ान की शुरुआत और पहले रोज़े का ऐलान किया जाएगा। मगर, सऊदी अरब में चांद होने के बाद भारत में भी 18 को चांद होने की उम्मीद है। जिसके चलते 19 फरवरी को इंडिया में पहला रोजा होने की उम्मीद है।
दरगाह आला हज़रत/ताजुश्शरिया की खास अपील
रमज़ान की आमद से पहले दरगाह आला हज़रत/ताजुश्शरिया की ओर से मुसलमानों से चांद देखने का विशेष एहतिमाम करने की अपील की गई है। कहा गया है कि इस्लामी महीनों की बुनियाद चांद पर होती है, इसलिए रूयत-ए-हिलाल का शरई तौर पर खास महत्व है।
बरेली शरीफ से होता है एहतियात के साथ ऐलान
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मियां) ने बताया कि बरेली शरीफ सुन्नी मुसलमानों का मरकज़ माना जाता है और यहां से चांद का ऐलान पूरी सावधानी और तेजी के साथ किया जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही रमज़ान का चांद नज़र आता है, उसी रात इशा की नमाज़ के बाद तरावीह की नमाज़ शुरू हो जाती है।
चांद नज़र आने पर तुरंत दें सूचना
फरमान मियां ने अपील की है कि चांद नज़र आने की स्थिति में लोग तुरंत दरगाह आला हज़रत/ताजुश्शरिया स्थित मरकज़ी दारुल इफ्ता और रूयत-ए-हिलाल कमेटी से संपर्क करें। शरई गवाही के बाद ही आधिकारिक तौर पर रमज़ान के पहले रोज़े का ऐलान किया जाएगा। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
प्रशासन से की गई सुविधाओं की मांग
रमज़ान माह को देखते हुए फरमान मियां ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे जिले में साफ-सफाई, बिजली और पानी की सप्लाई सुचारू रखी जाए, ताकि रोज़ेदारों को किसी तरह की दिक्कत न हो। साथ ही उन्होंने अमन-चैन और भाईचारे का माहौल बनाए रखने की भी अपील की है, जिससे रमज़ान का पाक महीना शांति और सौहार्द के साथ गुज़रे।
