किसान संघर्ष समिति का बड़ा बयान- अमित शाह माफी मांगें, सलवा जुडूम पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला नक्सल समर्थक नहीं
नई दिल्ली/लखनऊ : किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने गृहमंत्री अमित शाह द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को नक्सलवाद से जोड़ने वाले बयान को असत्य, भ्रामक और विपक्षी दलों को बदनाम करने की राजनीतिक साज़िश बताया है। डॉ. सुनीलम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 8 न्यायाधीश, 3 मुख्य न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के 7 न्यायाधीश इस तथ्य को मान चुके हैं कि सलवा जुडूम पर दिया गया ऐतिहासिक फैसला किसी भी मायने में नक्सलवाद का समर्थन नहीं करता। यह फैसला न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान की आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अमित शाह को न्यायमूर्ति रेड्डी का चरित्र हनन करने वाले बयान को तुरंत वापस लेना चाहिए और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
सलवा जुडूम पर न्यायमूर्ति का फैसला
2007–2011 के बीच सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति रेड्डी का कार्यकाल रहा। उन्होंने न्यायमूर्ति सुरेश काटजू के साथ मिलकर सलवा जुडूम को असंवैधानिक करार दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों को हथियार देकर मौत के मुंह में नहीं धकेल सकती। यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन है। कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी SPO (विशेष पुलिस अधिकारी) को निरस्त किया जाए और उनसे हथियार वापस लिए जाएं। इस फैसले से लाखों आदिवासियों की जान बची और उन्हें कानूनी सुरक्षा मिली।
न्यायमूर्ति रेड्डी के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
काला धन मामला (2008-09): विदेशी बैंकों में भारतीयों की संपत्ति की जांच के लिए SIT बनाने का आदेश दिया था। न्यायिक पारदर्शिता को जजों की संपत्ति सार्वजनिक करने के मुद्दे को बड़े बेंच को भेजा। जिससे न्यायिक जवाबदेही पर बहस तेज हुई।
सरकार आदिवासियों की हत्याओं पर श्वेत पत्र जारी करे : डॉ. सुनीलम
उन्होंने कहा, सरकार आदिवासियों की हत्याओं पर श्वेत पत्र जारी करे और दोषियों पर हत्या के मुकदमे चलाए। नक्सलवाद से जोड़कर सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को बदनाम करना असंवैधानिक है। सरकार और अर्धसैनिक बलों के अत्याचारों को छुपाने के लिए “अर्बन नक्सल” का लेबल लगाया जा रहा है। यदि भाजपा सच में निष्पक्ष है, तो राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पर भी कार्यवाही करे, जिन्होंने सलवा जुडूम का विरोध किया था।
