सीतापुर/लखनऊ : यूपी के सीतापुर जिले की महमूदाबाद नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (SP) ने चौंकाने वाला राजनीतिक उलटफेर कर दिया है। सपा प्रत्याशी मोहम्मद आमिर अरफात ने सभी दावेदारों को मात देकर अध्यक्ष पद जीत लिया, जबकि BJP के प्रत्याशी संजय वर्मा को करारी हार का सामना कर पांचवें स्थान पर संतोष करना पड़ा। यह नतीजा न सिर्फ महमूदाबाद बल्कि यूपी की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी संकेत है।
भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ 1,332 वोट

सीतापुर की महमूदाबाद में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आमिर अरफात ने कुल 8,906 वोट पाकर जीत हासिल की। दूसरे नंबर पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी अतुल कुमार वर्मा को 8,331 वोट मिले। तीसरे स्थान पर अमरीश गुप्ता को 4,423 वोट, चौथे स्थान पर नदीम अहमद को 1,820 वोट, जबकि बीजेपी प्रत्याशी संजय वर्मा को महज़ 1,332 वोट मिले और वे पांचवें स्थान पर रहे।
आमिर अरफात का मजबूत पारिवारिक आधार
आमिर अरफात महमूदाबाद के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से हैं। उनके पिता स्व. मोहम्मद अहमद नगर पालिका के पहले चेयरमैन और सपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। परिवार में मां तसनीम बानो, बड़े भाई यासिर अरफात और बहन रुबीना हैं। पिता की जनसेवा और सादगी ने आमिर को जनता के बीच भरोसेमंद चेहरा बनाया, जिसका फायदा चुनाव में मिला।
जानें जीत के कारण
सपा प्रत्याशी आमिर ने घर-घर जाकर जनसंपर्क किया। बेरोजगारी, सफाई व्यवस्था और विकास को मुद्दा बनाया। सपा कार्यकर्ताओं ने हर बूथ पर सक्रिय प्रचार किया। जिसके चलते BJP उम्मीदवार संजय वर्मा स्थानीय मुद्दों और जनसंपर्क में पिछड़ गए। मतदाताओं में असंतोष और विपक्ष की आक्रामक रणनीति ने BJP को हार की ओर धकेल दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह नतीजा BJP के लिए wake-up call है कि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करना जरूरी है।
जीत के बाद महमूदाबाद में जश्न, मिठाइयां और ढोल-नगाड़ों की गूंज
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर आमिर को बधाई देते हुए लिखा “यह ऐतिहासिक जीत जनता की जीत है। भाजपा का पांचवें स्थान पर आना यूपी की आने वाली राजनीतिक दिशा का संकेत है।”
आमिर के पिता का तीन महीने पहले इंतकाल
नगर पालिका चेयरमैन आमिर अरफात के पिता मोहम्मद अहमद का 7 मई, 2025 को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। वे 1988 में पहली बार चेयरमैन बने और कई बार इस पद पर चुने गए। उनकी जनसेवा और सरलता ने उन्हें नगरवासियों के दिलों में हमेशा के लिए जगह दी।
