नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है, लेकिन माहौल पहले दिन जैसा ही गर्म दिखाई दे रहा है। लोकसभा में शीत सत्र का पहला दिन एसआईआर मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया था, और आज भी विपक्ष की जोरदार नारेबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने एसआईआर पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव दिया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच सदन चल नहीं पाया। नतीजतन, स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट शब्दों में नाराजगी जताई और कहा ,“पूरा देश देख रहा है कि किस तरह से सदन की कार्रवाई बाधित की जा रही है।” इसके बाद सदन को एक बार फिर से दोपहर 2 बजे तक स्थगित किया गया। राज्यसभा का हाल भी इससे अलग नहीं रहा। वहां भी विपक्षी हंगामे के चलते कार्यवाही को 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
इस पूरे विवाद के बीच भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,“ये SIR पर विरोध नहीं, बल्कि बिहार में हुई हार का विलाप है। कांग्रेस, राजद और टीएमसी सभी निराश हैं। बंगाल में चुनाव आने वाले हैं, इसी डर से टीएमसी बौखलाई हुई है।”उन्होंने आगे कहा कि डीएमके तमिलनाडु में अपनी लोकप्रियता खो रहा है और कांग्रेस तो अब क्षेत्रीय पार्टियों से भी नीचे पहुँच गई है।
वहीं, भाजपा नेता किरेन रिजिजू के बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष सदन को न चलने देने के बहाने ढूंढता है कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“अगर तुम नालायक हो तो हम क्या करें? तुम्हें सदन चलाना नहीं आता, तो हम क्या करें? हम मुद्दा भी ना उठाएं?…हम सांसद हैं, लोगों की आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है।”इसी बीच सरकार के निर्देशों पर नया विवाद खड़ा हो गया है हर स्मार्टफोन में ‘संचार साथी’ ऐप प्री-इंस्टॉल कराने के फैसले को लेकर।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस ऐप को “जासूसी ऐप” करार देते हुए कहा.“नागरिकों को निजता का अधिकार है। सरकार हर चीज को तानाशाही की ओर ले जा रही है। संसद इसलिए नहीं चल रही क्योंकि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा ही नहीं करना चाहती।”उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकार ने पेगासस जैसे स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया और अब आम लोगों की निजता में सेंध लगाने की तैयारी है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेता प्रदर्शन में मौजूद रहे।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा,“हम चाहते हैं कि सरकार विपक्ष के नोटिस स्वीकार करे और सदन सुचारू रूप से चले। SIR एक गंभीर मुद्दा है, सरकार इससे भाग क्यों रही है?”उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार चुनाव सुधारों पर चर्चा कर सकती है तो चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर चर्चा से क्यों बच रही है?
