बंगलूरू: कर्नाटक की राजनीति में मंगलवार की सुबह एक बार फिर नाश्ते की मेज पर सियासत सजी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं ने साथ नाश्ता किया और कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। डीके शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। शिवकुमार के कार्यालय द्वारा जारी की गई तस्वीरों में दोनों नेताओं को गहन बातचीत करते हुए भी देखा जा सकता है।
नाश्ते के बाद मीडिया से बातचीत में जब सीएम सिद्धारमैया से पूछा गया कि डीके शिवकुमार कब मुख्यमंत्री बनेंगे, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जब पार्टी आलाकमान कहेगा।” उन्होंने बताया कि आज की मुलाकात में विधानसभा सत्र और 8 दिसंबर को प्रस्तावित सांसदों की बैठक पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि वे दोनों पार्टी हाईकमान के फैसले को पूरी तरह मानेंगे चाहे वह राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी या पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से हो उन्होंने यह भी बताया कि कल वे एक कार्यक्रम में केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात करेंगे और पार्टी के निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले चार दिनों में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी नाश्ते वाली बैठक थी। इससे पहले शनिवार को सीएम आवास में दोनों नेता नाश्ते पर मिले थे और एकजुटता का संदेश दिया था। सोमवार को सीएम सिद्धारमैया ने कहा था कि वे शिवकुमार के घर नाश्ते पर जाएंगे, हालांकि उन्हें अभी तक औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। इसके कुछ ही समय बाद शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर आधिकारिक निमंत्रण भेज दिया।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने दोनों नेताओं की मुलाकात को सकारात्मक करार दिया। उन्होंने कहा,“ये अच्छी बात है कि हमारे दोनों वरिष्ठ नेता फिर मिले हैं। हम चाहते हैं कि पिछले कुछ समय से जो भी गलतफहमियां या विवाद चल रहे हैं, उनका शांतिपूर्वक समाधान हो जाए। अलग-अलग महत्वाकांक्षाएं होना गलत नहीं है।”
इन लगातार मुलाकातों के बीच कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के कयास भी गहराते जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कथित “ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले” के तहत करीब डेढ़ साल बाद अब मुख्यमंत्री पद डीके शिवकुमार को सौंपा जा सकता है। हालांकि, दोनों नेता सार्वजनिक तौर पर इन चर्चाओं को बार-बार खारिज कर रहे हैं।
सोमवार को शिवकुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वे और मुख्यमंत्री एक टीम की तरह काम कर रहे हैं और नाश्ते की बैठक में कर्नाटक के विकास से जुड़े वादों को पूरा करने पर चर्चा करेंगे। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पार्टी हाईकमान ने फिलहाल सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री बने रहने के संकेत दिए हैं खासकर आगामी विधानसभा सत्र तक।
डीके शिवकुमार ने भी यह कहते हुए विवाद को शांत करने की कोशिश की “ये मेरे और मुख्यमंत्री के बीच का मामला है। हम दोनों भाई की तरह साथ काम कर रहे हैं। मीडिया अनावश्यक रूप से गुटबाजी की बातें कर रही है। मेरे साथ 140 विधायक हैं, लेकिन पार्टी के मामले में हम सब एकजुट हैं।” लगातार मुलाकातों और बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं के बीच कर्नाटक का सियासी तापमान भले हाई हो, लेकिन दोनों नेता एक सुर में यही संदेश दे रहे हैं पार्टी का फैसला सर्वोपरि है और सरकार स्थिर है।
