Shashi Tharoor News: जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का किया विरोध, योगी सरकार को दी बड़ी सलाह
कांग्रेस सांसद बोले- उत्तर प्रदेश में अच्छे उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी, इमारतें गिराने के बजाय सरकार करे वैकल्पिक कार्रवाई
नई दिल्ली/रामपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने उत्तर प्रदेश की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले से ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी है, ऐसे में विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त करना उचित निर्णय नहीं है। उन्होंने योगी सरकार को सलाह देते हुए कहा कि यदि निर्माण में अनियमितता है तो कार्रवाई के अन्य कानूनी विकल्प अपनाए जाने चाहिए।
सोशल मीडिया पर जताई आपत्ति
शशि थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में, जहां अच्छे उच्च शिक्षा संस्थानों की आवश्यकता है, वहां मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को बुलडोजर से गिराना गलत फैसला है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण अवैध पाया गया है तो जुर्माना, अन्य दंडात्मक कार्रवाई या सरकारी अधिग्रहण जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं, लेकिन एक संचालित विश्वविद्यालय को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
15 जुलाई 2026 को रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए अवैध घोषित किया था। प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को स्वयं इमारतें हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करेगा।
अदालत पहुंचा मामला, सियासत भी तेज
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आरडीए के आदेश को अदालत में चुनौती दी है। वहीं समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए विरोध शुरू कर दिया है। इस बीच शशि थरूर के बयान से जौहर यूनिवर्सिटी का मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
कौन थे मौलाना मोहम्मद अली जौहर?
मौलाना मोहम्मद अली जौहर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद, पत्रकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष थे। वे जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में भी शामिल थे। वर्ष 2006 में उत्तर प्रदेश विधानमंडल के अधिनियम के तहत उनके नाम पर जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी। विश्वविद्यालय के संस्थापक और पूर्व चांसलर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान रहे हैं।
