खुदागंज के सूथा गांव स्थित मंदिर में सो रहे थे दोनों साधु, लोहे की रॉड से हमला कर हत्या के बाद ज्वलनशील पदार्थ से जलाए शव; पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में मंदिर में सो रहे दो साधुओं की हत्या कर शव जलाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार तड़के आरोपी सुमित कुमार सिंह को कठिना नदी पुल से मझिला की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल करीब ढाई फीट लंबी लोहे की रॉड भी बरामद की गई है। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों की हत्या मंदिर में सोते समय की गई और इसके बाद शवों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।
लोहे की रॉड से हमला कर हत्या का आरोप
क्षेत्राधिकारी तिलहर विदुष सक्सेना के अनुसार, खुदागंज क्षेत्र के सूथा गांव निवासी सुमित कुमार सिंह ने मंदिर में सो रहे दोनों संन्यासियों पर लोहे की रॉड से हमला किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर की रात उसने बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास पर हमला किया। दोनों की मौत के बाद मंदिर में रखी लकड़ियों और दीपक जलाने के लिए रखे घी की मदद से शवों को जला दिया।
मंदिर में खुद रहना चाहता था आरोपी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुमित ने बताया कि वह खुद मंदिर में रहना चाहता था। घटना के बाद पकड़े जाने के डर से उसने वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड मंदिर के पास झाड़ियों में छिपा दी और कठिना नदी के जंगल में जाकर छिप गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जंगल से निकलकर दिल्ली भागने की फिराक में था। इसी दौरान पुलिस ने उसे कठिना नदी पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।
निशानदेही पर बरामद हुई लोहे की रॉड
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल करीब ढाई फीट लंबी लोहे की रॉड बरामद कर ली है। पुलिस अब वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपी के बयान की जांच कर रही है।
आरोपी पर पहले से भी दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, मामले में शिव कुमार सिंह की तहरीर पर खुदागंज थाने में सुमित कुमार सिंह के खिलाफ हत्या की धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले भी शामिल हैं। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और साधुओं की हत्या के पीछे बताए जा रहे कारणों की भी जांच कर रही है।
