सहारनपुर में पीएनबी की करेंसी चेस्ट में मिले 7.40 करोड़ के जाली नोट, 4.36 लाख कैश भी कम; चार पर मुकदमा
घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान सामने आया मामला, पुलिस ने अलग-अलग मामलों में चार लोगों को किया नामजद
सहारनपुर: कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट में पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान करोड़ों रुपये के जाली नोट मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में करीब 7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट पाए गए। इसके अलावा मुख्यालय भेजी गई रकम में 4.36 लाख रुपये कम मिलने का मामला भी सामने आया है। दोनों मामलों में बैंक के नोडल अधिकारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ऑडिट के दौरान मिले करोड़ों के जाली नोट
पंजाब नेशनल बैंक की घंटाघर स्थित करेंसी चेस्ट में महानगर की अन्य बैंक शाखाओं से नकदी जमा होती है। यहां से मुख्यालय को भी नकदी भेजी जाती है। पिछले कुछ दिनों से करेंसी चेस्ट का ऑडिट चल रहा था। इसी दौरान नोटों की जांच में करीब 7.40 करोड़ रुपये के नोट जाली पाए गए। इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
तीन बैंक अधिकारियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की तहरीर पर पुलिस ने वरिष्ठ प्रबंधक मंडल कार्यालय रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और हरियाणा के खेड़ा बाजार, जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट की प्रबंधक अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि करेंसी चेस्ट में इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट किस माध्यम से पहुंचे और इन्हें किस शाखा से जमा कराया गया था।
4.36 लाख रुपये कम मिलने का भी मामला
इसी करेंसी चेस्ट से जुड़ा दूसरा मामला नकदी कम मिलने का है। मुख्यालय भेजी गई करेंसी की जांच के दौरान उसमें 4.36 लाख रुपये कम पाए गए। इस मामले में नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की तहरीर पर हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस दोनों मामलों को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच रही है।
आखिर किसने जमा किए करोड़ों के जाली नोट?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि करेंसी चेस्ट में 7.40 करोड़ रुपये के जाली नोट आखिर किसने और कब जमा किए। पुलिस अब बैंक की उन सभी शाखाओं का विवरण जुटा रही है, जहां से करेंसी चेस्ट में नकदी भेजी गई थी। पुलिस यह भी पता कर रही है कि किस शाखा से कितनी रकम और किस तारीख को जमा कराई गई थी। इसके आधार पर संदिग्ध लेनदेन और नकदी जमा करने की प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा राज
जांच के दौरान पुलिस बैंक की संबंधित शाखाओं और करेंसी चेस्ट की सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने की तैयारी कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज से जाली नोट जमा करने वाले लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है। फिलहाल दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और पुलिस दस्तावेजों, नकदी के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि करोड़ों रुपये के जाली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और कैश की कमी के लिए कौन जिम्मेदार है।
